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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के एम ए हिंदी पाठ्यक्रम में एस आर हरनोट की कहानी “जीनकाठी” शामिल

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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के एम.ए. हिंदी पाठ्यक्रम में एस आर हरनोट की बहु चर्चित कहानी “जीनकाठी” को शामिल किया गया है। हरनोट ने इसके लिए विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के साथ चयन समिति का बहुत बहुत आभार प्रकट किया है। इससे पहले हिमाचल यूनिवर्सिटी के अंग्रेजी विभाग द्वारा उनकी अंग्रेजी में अनुदित दो कहानियां “लाल होता दरख़्त” का अंग्रेजी अनुवाद “द रेड्डेनिंग ट्री” और “आभी” कहानी का अंग्रेजी अनुवाद पाठ्यक्रम में पढ़ाया जा रहा है जिनके अंग्रेजी अनुवाद प्रख्यात अनुवादक और लेखक प्रो. मीनाक्षी एफ पॉल ने किए हैं।

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जीनकाठी कहानी “जीनकाठी तथा अन्य कहानियां” संग्रह में संकलित है जो आधार प्रकाशन से वर्ष 2008 में प्रकाशित हुआ था। इस कहानी संग्रह को वर्ष 2009 का राष्ट्रीय जे. सी. जोशी शब्द साधक जनप्रिय लेखक सम्मान मिल चुका है। इस कहानी का अंग्रेजी अनुवाद प्रो.आर.के.शुक्ल ने किया है पहले केरल से निकले वाले अंग्रेजी जर्नल “लिटरेचर एंड एस्थेटिक्स” में छपा और बाद में 14 कहानियों के अंग्रेजी अनुवाद की पुस्तक जो कैंब्रिज स्कॉलर्स प्रैस लंदन से “द कैट्स टॉक” शीर्षक से प्रो.मीनाक्षी एफ पॉल और डॉ.खेमराज शर्मा के संपादन में आई है उसमें संकलित हुआ है। कहानी का नाट्य रूपांतरण और मंचन भी हुआ है। इस कहानी पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में कई शोध पत्र प्रस्तुत हुए हैं।

 

हरनोट की कहानियां देश के कई विश्वविद्यालयों के बीए और एमए में पढ़ाई जा रही जिनमें केरल विश्वविद्यालय, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय नोएडा, जैन यूनिवर्सिटी बेंगलुरु, सेंट्रल यूनिवर्सिटी पंजाब, नगर विश्वविद्यालय बेंगलुरु और केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला शामिल हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रैस द्वारा स्कूलों के लिए निर्मित पाठ्यक्रम में भी हरनोट की कहानी शामिल है।

किसी लेखक के लिए अपनी रचनाओं को पाठ्यक्रमों में देखना और लगातार पीएचडी तथा एमफिल में शोध होना प्रदेश और लेखक के लिए भी गर्व की बात होती है।

Deepika Sharma

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