स्वास्थ्य

रक्तदान शिविर लगाने में अब प्रशासनिक अड़चनें नहीं

उपायुक्तों को मंजूरी देने के निर्देश

WhatsApp Image 2026-04-14 at 3.51.44 PM

 

 

 

 

* कोरोना का टीका लगवाने के 14 दिन बाद कर सकते हैं रक्तदान, पहले यह अवधि 28 दिन थी

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM

। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने सभी उपायुक्तों और जिला चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे कोरोना के दौर में रक्त की भारी कमी को देखते हुए स्वयंसेवी संगठनों को रक्तदान शिविर लगाने की अनुमति दें। उमंग फाउंडेशन ने इसके लिए मुख्यमंत्री से अनुरोध किया था। फाउंडेशन ने ग्रामीण क्षेत्रों में रक्तदान शिविर लगाने का व्यापक अभियान शुरू किया है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि सभी रक्तदान शिविर महामारी के मद्देनजर सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुरूप ही लगाए जाने चाहिए।

उधर केंद्र सरकार ने कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद रक्तदान करने के लिए निर्धारित 28 दिन की अवधि को घटाकर 14 दिन कर दिया है।

उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने बताया कि अब प्रदेश भर में स्वयंसेवी संस्थाओं को रक्तदान शिविर लगाने में प्रशासन से अनुमति लेना आसान हो गया है। कोरोना के फैलाव के कारण प्रदेश में रक्तदान शिविर लगाना मुश्किल हो गया था। इससे इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक के अलावा अन्य जिलों में भी रक्त का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया।

No Slide Found In Slider.

उन्होंने बताया कि कई स्थानों से सूचनाएं मिल रही थी कि संबंधित एसडीएम रक्तदान शिविर लगाने की अनुमति नहीं दे रहे थे। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर को फोन कर अनुरोध किया कि तुरंत उपायुक्तों को निर्देश दिए जाएं कि वे रक्तदान शिविर लगाने की अनुमति दें।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने जिला उपायुक्तों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को 17 मई को नए दिशानिर्देश भेजे। इसके लिए प्रो. श्रीवास्तव ने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष ने बताया कि 18 से 44 साल के आयु वर्ग को कोरोना की वैक्सीन लगाए जाने के कारण भी ब्लड बैंकों में रक्त की गंभीर कमी उत्पन्न हो सकती थी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले निर्देश जारी किए थे कि वैक्सीन की एक खुराक लगवाने के 28 दिन बाद ही कोई रक्तदान कर सकता था। इसका अर्थ यह था की लगभग दो महीने तक रक्तदाता खून दान नहीं कर पाता। अब में केंद्र सरकार ने यह अवधि घटाकर 14 दिन कर दी है। करोना की वैक्सीन लगाने के 14 दिन बाद रक्तदान किया जा सकता है।

उमंग फाउंडेशन 22 मई को शिमला ग्रामीण के मशोबरा के राधा कृष्ण मंदिर और 23 मई को गुम्मा (नौटी खड्ड) के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रक्तदान शिविर लगा रहा है। इसके बाद यह सिलसिला अन्य पंचायतों में भी जारी रहेगा।

प्रो. अजय श्रीवास्तव ने सभी स्वयंसवी संस्थाओं एवं

युवाओं से रक्तदान की मुहिम से जुड़ने का अनुरोध किया है ताकि अस्पतालों में भर्ती गंभीर मरीजों को रक्त की आपूर्ति की जासके।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close