मौसम में बदलाव के कारण अस्पतालों में स्किन एलर्जी के मरीजों की संख्या में एकाएक बढ़ोतरी दर्ज देखी गई है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज हो या रिपन या इसके अलवा डिस्पेंसरी लेकिन इन संस्थानों में बीते 30 दिन में स्किन एलर्जी के मामले बहुत ज्यादा बढ़ते देखे जा रहे हैं।
मौसम के बदलते मिजाज के साथ ही मौसमी बीमारियों ने पैर पसारना शुरू कर दिए है। मौसम में बदलाव होने से स्किन एलर्जी के मरीजों की परेशानी भी बढ़ने लगी है। आई जी एम सी हॉस्पिटल में और रिपन हॉस्पिटल में 40 से 50 मरीज हर दिन इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने का मुख्य कारण मौसम का बदलना बताया जा रहा है। बॉक्स
ये दिख रहा है कारण
डॉक्टर का कहना है कि एलर्जी की परेशानी मौसम में बदलाव होने पर अधिक बढ़ती है। यह धूल, धुआ, मिटटी पराग कण, पालतू या अन्य जानवरों के संपर्क में आने, सौंदर्य प्रसाधनों, कीड़े आदि के काटने, खाद्य पदार्थो एवं कुछ अंग्रेजी दवाओ के उपयोग से एलर्जी हो सकती है। एलर्जी नाक, आंख, श्वसन प्रणाली, त्वचा व खान पान से संबंधित होती है। लेकिन कई बार पूरे शरीर में एक साथ भी हो सकती है।
उपाय
बरसात के मौसम में एलर्जी से बचने के लिए सबसे पहले जिस चीज से एलर्जी हो, उसकी पहचान कर बचाव करना चाहिए,और खान पान और रहन सहन व्यवस्थित रखना चाहिए।और यदि धूल मिट्टी से बचें, यदि धूल मिट्टी भरे वातावरण में काम करना ही पड़ जाये तो फेस मास्क पहन कर काम करें।
असर टीम से भारती….



