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EXCLUSIVE:शिशु लिंग जांच की शिकायतों को प्रशासन तक पहुंचाने में फिसड्डी हिमाचल

एक को भी नहीं मिल पाया है ईनाम

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गर्भ में शिशु लिंग की जांच और गर्भ में बिटिया को मारने की शिकायत को प्रशासन तक पहुंचाने  के मामले में हिमाचल फेल साबित हुआ है। भले ही बेटी बचाओ के कार्यक्रमों में भारत सरकार द्वारा हिमाचल की पीठ थपथपाई गई है, लेकिन गर्भ में शिशु लिंग की शिकायत करने के अहम मसले पर हिमाचल फिसड्डी साबित हुआ है। प्रदेश सरकार ने शिकायत करने को लेकर एक लाख के इनाम की घोषणा की है, लेकिन अभी तक एक भी ऐसा व्यक्ति सामने नहीं आया है, जो इस इनाम का हकदार साबित हुआ हो।

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गौर हो कि अभी तक एक भी व्यक्ति को इस विषय में शिकायत को लेकर इनाम नहीं मिल पाया है। हालांकि प्रदेश सरकार ने पीएनडीटी एक्ट के तहत शिकायत करने को लेकर 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपए की राशि पुरस्कार के तौर पर बढ़ाई है, लेकिन हैरानी है कि अभी तक आमजन ने यह शिकायत विभाग तक नहीं पहुंचाई है। हालांकि शिकायत करने वाले का नाम गुप्त रखे जाने का प्रावधान है, लेकिन अभी तक यह किसी को भी नहीं मिल पाई है। बताया जा रहा है कि न तो पहले सरकार द्वारा तय की गई इनाम की 50 हजार की राशि का कोई हकदार हो पाया और न ही एक लाख की इनाम राशि प्रदेश में किसी को मिल पाई।

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ये है अभी तक की तस्वीर

 

अभी तक की रिपोर्ट पर गौर करें, तो प्रसव पूर्व निदान अधिनियम के तहत प्रदेश के सात केस कोर्ट में चल रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की छापामारी के बाद ही इन मामलों को पकड़ा बताया जा रहा है। इसमें किसी भी व्यक्ति की शिकायत का कोई आधार नहीं बताया गया है।

 

फिलहाल इस इनाम की राशि के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए आंगनबाड़ी और स्वास्थय कार्यकर्ताओं को भी कहा गया है।

 

● लोगों की शिकायत पर भी कोई स्टिंग नहीं

 

क्लीनिक में शिशु लिंग की जांच और गर्भ में शिशु को मारने के मामले आमजनता की शिकायत पर ही पकड़े जाते हैं। पंजाब, हरियाणा में एक प्राइवेट एजेंसी को यह काम सरकार ने दिया है। आमजन की शिकायत के माध्यम से ही पंजाब, हरियाणा में स्टिंग हो रहे हैं और उन पर कार्रवाई भी हो रही है। 

Deepika Sharma

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