शिक्षा

तथाकथित नेता व्यक्तिगत स्वार्थ से प्रेरित होकर कर रहे बयानबाजी

हिमाचल राजकीय प्रवक्ता संघ ने हिमाचल सरकार द्वारा बजट स्तर में प्रवक्ताओं को मुख्याध्यापक पद पर विकल्प देने की अधिसूचना शीघ्र जारी करने की मांग की है। संघ ने प्रेस ब्यान जारी कर इस घोषणा के लिए जहां एक और  मुख्यमंत्री  जयराम ठाकुर और  शिक्षा मंत्री  गोविन्द ठाकुर का धन्यवाद व्यक्त किया हैं, वहीं दूसरी तरफ विकल्प उपलब्ध करवाकर उन्होंने एक दूरदर्शी सोच का परिचय दिया हैं। हिमाचल राजकीय प्रवक्ता संघ ने टी०जी०टी० कला संघ के तथाकथित नेताओं को आगाह करते हुए कहा की वो गलत आंकड़े और तथ्य पेश कर सरकार को गुमराह करना बंद करे। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रदेशाध्यक्ष चितरंजन काल्टा, महासचिव देस राज कटवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष शर्मा, करम चन्द ठाकुर, वित् सचिव राम लाल लोधता एवं जिला शिमला अध्यक्ष अजय कुमार वर्मा ने संयुक्त ब्यान जारी करते हुए कहा कि इन स्वभू नेताओं ने तब कोई विरोध नहीं किया जब शास्त्री और एल०टी० अध्यापकों को टी०जी०टी० पदनाम देने कि भी बजट सत्र में घोषणा कि गयी परन्तु इन्हें विकल्प खोलने से तकलीफ हो रही हैं। ऐसे तथाकथित नेता व्यक्तिगत स्वार्थ से प्रेरित होकर ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं। ये वो लोग हैं जो केवल स्नातक है, जबकि सरकार द्वारा विकल्प सभी के लिए खोला गया हैं। वो भी चाहें तो प्रवक्ता पद्दोनत हो सकते हैं यदि वो उच्च योग्यता रखते हो। इससे उनकी टी०जी०टी० वरिष्टता सूची प्रभावित नहीं होगी और वो भी अपनी उच्च योग्यता का लाभ विद्यार्थियों को प्रदान कर सकते हैं। क्योकि पद्दोनत प्रवक्ता का वरिष्टता क्रमांक टी०जी०टी० संवर्ग कि वरिष्टता सूची के अनुरूप ही रहता हैं। इसलिए यदि ऐसे नेता चाहें तो किसी भी मंच पर खुली वार्ता कर सकते हैं वो झूठे तथ्य पेश कर सरकार का गुमराह करना बंद करें। इसी के साथ हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने सरकार से आग्रह किया हैं कि भविष्य में केवल उन्ही मुख्याध्यापकों का प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नत करें जो कि कम से कम स्नातकोत्तर हो, क्योंकि मुख्याध्यापक से प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति के बाद वही लोग जिला उपनिदेशक बनते हैं। जिन्हें कि प्रधानाचार्य और प्रवक्ताओं का संचालन करने के आलावा प्रशासनिक पद का भी निर्वहन करना होता हैं। अतः मुख्याध्यापक पद से प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति के भर्ती एवं पद्दोनत्ति नियमों में भी संशोधन करने कि संघ मांग करता है, जिसमे कि केवल स्नातकोत्तर मुख्याध्यापकों का ही प्रधानाचार्य पद्दोन्ती का अवसर प्रदान किया जाये।

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