शिक्षा

शाबाश: राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल का जलवा, विद्या समीक्षा केंद्र बना देश का मॉडल

*राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल के विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) की सराहना, सभी राज्यों के लिए बना मॉडल*

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*समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने हैदराबाद में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में दी VSK पर प्रस्तुति*

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*राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए राजेश शर्मा को मिला विशेष आमंत्रण*

*शिमला*

हिमाचल प्रदेश का विद्या समीक्षा केंद्र (Vidya Samiksha Kendra) राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है। हैदराबाद में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन (National Consultation on Strengthening Vidya Samiksha Kendra) में हिमाचल के 6A इंटीग्रेशन मॉडल (6A Integration Model) की विशेष रूप से सराहना की गई। इस सम्मेलन का आयोजन CIET और NCERT द्वारा शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से किया गया, जिसमें देशभर के शिक्षा प्रशासकों, नीति निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसमें हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा हिमाचल, राजेश शर्मा (IFS) ने किया। उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था ताकि वे अन्य राज्यों के साथ हिमाचल के अनुभव और भविष्य की दिशा साझा कर सकें।

राजेश शर्मा ने सम्मेलन में बताया कि किस प्रकार हिमाचल ने विद्या समीक्षा केंद्र को केवल एक डैशबोर्ड (Dashboard) तक सीमित न रखकर एक प्रभावी डेटा-आधारित गवर्नेंस मॉडल (Data-Based Governance Model) के रूप में विकसित किया है। समग्र शिक्षा निदेशक ने हिमाचल प्रदेश के आरवीएसके इंटीग्रेटेड 6A डैशबोर्ड (RVSK Integrated 6A Dashboard) पर विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसे राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पहलों के प्रभावी एकीकरण के मॉडल के रूप में सराहा गया। 6A फ्रेमवर्क (6A Framework) — अटेंडेंस (Attendance), असेसमेंट (Assessment), एडमिनिस्ट्रेशन (Administration), एक्रेडिटेशन (Accreditation), एडाप्टिव लर्निंग (Adaptive Learning) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) — को विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से एकीकृत कर हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा शासन और सीखने के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार किए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार समग्र शिक्षा हिमाचल द्वारा विभिन्न डिजिटल पहलों को एक मंच पर लाकर एक समेकित और परिणामोन्मुख व्यवस्था विकसित की गई, जिससे प्रशासनिक स्तर पर समयबद्ध और सटीक निर्णय लेना संभव हुआ।

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*हिमाचल प्रदेश लाइटहाउस राज्य के रूप में उभरा*
दो दिनों तक चले इस राष्ट्रीय सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश को नीति क्रियान्वयन में एक “लाइटहाउस राज्य (Lighthouse State)” के रूप में उभरते हुए देखा गया। विद्या समीक्षा केंद्र के स्विफ्ट चैट प्लेटफॉर्म (Swift Chat Platform) को 6A एकीकरण के संचालनात्मक माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से डेटा-आधारित अलर्ट, समीक्षा संकेत और कार्यवाही योग्य संदेश प्रशासनिक अधिकारियों तक रियल-टाइम (Real-Time) में पहुँचाए जा रहे हैं, जिससे शासन प्रणाली अधिक सक्रिय, पारदर्शी और जवाबदेह बनी है। हिमाचल ने यह साबित किया है कि विद्या समीक्षा केंद्र केवल आंकड़ों का संग्रह केंद्र नहीं, बल्कि एआई-सहायित गवर्नेंस (AI-Supported Governance) और विकेन्द्रीकृत समीक्षा प्रणाली का एक सशक्त प्लेटफॉर्म बन सकता है।

*सीखने के परिणामों और जवाबदेही में सुधार*
सम्मेलन के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि शिक्षा प्रणाली को केवल डेटा संग्रह (Data Collection) तक सीमित न रखकर उसे निर्णय-उन्मुख गवर्नेंस (Decision-Oriented Governance) की दिशा में आगे बढ़ाना आवश्यक है। हिमाचल के अनुभव से यह स्पष्ट हुआ कि समयबद्ध उपस्थिति निगरानी, दक्षता आधारित मूल्यांकन, एडाप्टिव लर्निंग और स्कूल एक्रेडिटेशन जैसे घटकों को एकीकृत करने से सीखने के परिणामों और प्रशासनिक जवाबदेही दोनों सशक्त हुए हैं। सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश की इस पहल को अन्य राज्यों के लिए एक मार्गदर्शक मॉडल के रूप में सराहा गया। हिमाचल के विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से 6A एकीकरण की यह पहल अब देशभर में शिक्षा परिवर्तन की नई दिशा के रूप में देखी जा रही है।

Deepika Sharma

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