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असर विशेष: कहीं आपको तो नहीं खून की कमी…

डॉक्टर रमेश की कलम से....

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डॉक्टर रमेश…

 

 

 

एनीमिया,

Anaemia

यानी खून की कमी!

 हमारे शरीर में रगों में जो खून दौड़ता है बहुत सारे काम शरीर के लिये करता है, शरीर के सभी अंगों में सभी हिस्सों में तरह तरह से परिवहन (ट्रांसपोर्ट) का काम करता है,शरीर में हर अंग में खाना पहुँचाना,ऑक्सीजन पहुँचाना, पानी,दवाई सब जरूरत के मुताबिक हर कोने कोने में पहुँचाना व शरीर के अलग हिस्सों से खून में कार्बनडाईऑक्साईड को फेफड़ों में पहुंचाकर साँस से साफ़ कर ऑक्सीजन उठा कर फिर शरीर में पहुंचाना! शरीर के अलग हिस्सों से खराब पदार्थ जैसे यूरिया को किडनी में साफ़ खून फिर शरीर में बाँटने का काम खून ही करता है!

खून में तरह तरह के सेल्स होते हैं-

 

 1 RBC रेड ब्लड कॉर्पसलस् ,इनकी वज़ह से खून का रंग लाल होता है, इनके उपर हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) या Hb होता है जो ऑक्सीजन ढोने का काम करते हैं 

यह Hb जब कम होता है उसे Anaemia यानी खून की कमी कहते हैं !

 

 2 WBC व्हाइट ब्लड कॉर्पसलस् , ये सैनिक होते हैं जो बीमारियों के कीटाणुओं से शरीर की रक्षा करते हैं, जब शरीर पर बीमारियों के कीटाणुओं का हमला होता है तो ये सैनिक शरीर की रक्षा के लिये बढ़ जाते हैं! जिन लोगों में इनकी कमी होती है,इंफेक्शन के ज्यादा चांस होते हैं, इन्हें आसानी से बीमारियाँ लग जाती हैं !

 

3 Platelets प्लेटलेट्स ये कोशिकाएं खून को क्लौट करने वाले हैं जब हमें कोई चोट लगती है तो खून निकलता है जो थोड़ी देर में जम जाता है, जिन में प्लेटलेट्स की कमी होती है चोट लगने पर खून जमता नहीं, क्लौट बनता नहीं और खून देर तक बहता रहता है,

 

4 Plasma ( प्लाजमा) ये सभी तरह के सेल्स RBC,WBC, और Platelets प्लेटलेट्स एक तरल पदार्थ में रहते व सब काम करते हैं प्लाजमा खून का मुख्य हिस्सा है!

 

खून की कमी को मेडिकल भाषा में एनीमिया (Anemia) कहा जाता है। यह रोग तब होता है, जब लाल रक्त कोशिकाओं (आरबीसी) में हीमोग्लोबिन ( hemoglobin) का लेवल कम हो जाता है। हीमोग्लोबिन आरबीसी में एक प्रोटीन है, जो टिशूज़ तक ऑक्सीजन ले जाने के लिए जिम्मेदार है। आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया रोग इसका सबसे आम प्रकार है!

 

एनीमिया तब होता है जब रक्त में पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं या हीमोग्लोबिन (Hb ) नहीं होता है। हीमोग्लोबिन रक्त की कोशिकाओं के लिए ऑक्सीजन ट्रांसपोर्ट करने के लिए आवश्यक है। यदि आपके पास कम या असामान्य लाल रक्त कोशिकाएं हों या आपका हीमोग्लोबिन (Hb ) कम या असामान्य हो तो आपके शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलेगा। एनीमिया के लक्षण जैसे थकान तब महसूस होते हैं जब शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलता है।

 

महिलाओं, बच्चो और लंबे समय से चल रही बिमारियों से पीड़ित लोगों को एनीमिया आसानी से हो सकता है।

 

एनीमिया कई प्रकार के हो सकते हैं। आयरन की कमी के कारण होने वाला एनीमिया सबसे सामान्य है और इसका उपचार आहार बदलने और आयरन युक्त आहार से किया जा सकता है। गर्भावस्था के दौरान होने वाले एनीमिया को कुछ हद तक सामान्य समझा जाता है। 

 कुछ प्रकार एनीमिया के कारण ज़िन्दगी भर स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याएं हो सकती हैं।

 

खून की कमी (एनीमिया) के प्रकार – 

 

एनीमिया के सात प्रकार होते हैं –

 

1 आयरन की कमी के कारण एनीमिया – 

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आयरन की कमी के कारण एनीमिया, एनीमिया का सामान्य प्रकार है जो आमतौर पर तब होता है जब बहुत समय से मासिक धर्म के कारण खून की अत्यधिक कमी हो रही होती है। गर्भावस्था में भ्रूण (फीटस) के विकास और, बच्चो में बचपन और किशोरावस्था में विकास के लिए आयरन की ज़्यादा ज़रुरत के कारण भी आयरन की कमी के कारण एनीमिया हो सकता है। 

 

2 एप्लास्टिक एनीमिया – 

 

एप्लास्टिक एनीमिया रक्त का एक विकार है जिस कारण शरीर की हड्डियों की मज्जा( बोन मेरो) पर्याप्त रक्त कोशिकाएं नहीं बना पाता है। इस कारण स्वास्थ्य सम्बंधित कई समस्याएं जैसे एरिथमिया (असामान्य दिल की धड़कन), हृदय के आकार में वृद्धि, हार्ट फेल होना, संक्रमण और रक्तस्त्राव हो सकता है। यह अचानक या धीरे-धीरे विकसित होता है और समय के साथ गंभीर हो जाता है!

 

3 हीमोलिटिक एनीमिया – 

 

हेमोलिटिक एनीमिया तब होता है जब सामान्य जीवन काल के समाप्त होने से पहले ही लाल रक्त कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं या रक्तधारा में नहीं होती हैं। कई बिमारियों, स्तिथियों और कारकों के कारण शरीर लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट कर सकता है। हीमोलिटिक एनीमिया से कई गंभीर स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याएं जैसे थकान, दर्द, एरिथमिया, हृदय के आकार में वृद्धि, दिल की विफलता (Heart failure ) हो सकती हैं। 

 

4 थैलेसीमिया – 

 

थैलेसीमिया एक अनुवांशिक (पुश्तैनी) रक्त विकार है जिस कारण शरीर “कम” लाल रक्त कोशिकाएं और हीमोग्लोबिन (लाल रक्त कोशिकाओं में एक आयरन युक्त प्रोटीन) बनाता है। 

 

5 सिकल सेल एनीमिया – 

 

सिकल सेल एनीमिया एक गंभीर बीमारी है जिसमें शरीर दरांती के आकृति जैसी लाल रक्त कोशिकाएं बनाता है। सामान्य लाल रक्त कोशिकाएं की आकृति डिस्क जैसी होती है जिस कारण वह रक्त वाहिकाओं के ज़रिये आसानी से पास होता है।

 

6 परनिशियस एनीमिया – 

 

परनिशियस एनीमिया में शरीर पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बना पाता है क्योंकि शरीर में पर्याप्त विटामिन बी12 नहीं होता है। जिन लोगों को परनिशियस एनीमिया होता है वह शरीर में एक प्रकार के प्रोटीन की कमी के कारण पर्याप्त विटामिन बी12 का अवशोषण नहीं कर पाते हैं। विटामिन बी12 की कमी कई ओर स्तिथियों और कारकों के कारण भी हो सकती है। 

 

7 फेंकोनाइ एनीमिया (एफ.ए.) – 

 

एक अनुवांशिक रक्त विकार है जिस कारण हड्डियों की मज्जा(बोन मेरो)की विफलता हो सकती है। एफ.ए. एप्लास्टिक एनीमिया का एक प्रकार है जो हड्डियों की मज्जा (बोन मेरो )को नई रक्त कोशिकाएं नहीं बनाने देता है। एफ.ए. के कारण हड्डियों की मज्जा कई असामान्य रक्त कोशिकाएं बनाता है। इस कारण ल्यूकेमिया जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। 

 

खून की कमी (एनीमिया) के लक्षण – 

 

एनीमिया के कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं –

 

थकान

कमज़ोरी

त्वचा का पीला होना 

दिल की धड़कन का असामान्य होना 

सांस लेने में तकलीफ

चक्कर आना

सीने में दर्द

हाथों और पैरों का ठंडा होना

सिरदर्द

शुरुआत में एनीमिया के लक्षण नज़रअंदाज़ हो जाते हैं लेकिन जैसे-जैसे एनीमिया गंभीर होने लगता है, उसके लक्षण भी गंभीर हो जाते हैं। 

 

समय समय पर रक्तजाँच करवाते रहें !

और 

अगर आप स्वस्थ हैं तो समय समय पर रक्तदान करें !

आपका एक बार में दिया रक्त अब चार ज़रुरतमंद मरीज़ों की जान बचा सकता है !

अब ब्लड बैंकों में आधुनिक मशीनों से रक्त को 4 हिस्सों ( Components) में अलग कर दिया जाता है!

RBC

WBC

Platelets &

Plasma 

 मरीज़ को जिस Component की कमी होती है उसे वो रक्त का हिस्सा चढ़ाया जाता है 

Deepika Sharma

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