शिक्षा

हिमाचल में बढ़ी हुई फीस का सिलसिया जारी

सीएम को ज्ञापन

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– हिमाचल प्रदेश में निजी स्कूलों द्वारा नए शिक्षा सत्र में शिक्षा निदेशालय के सख्त निर्देशों के बावजूद लगातार एवं बिना पी. टी. ऐ. की सहमति के बढे हुए दर से फीस लिए जाने के कारण  शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री से इस मामले में पुनः हस्तक्षेप हेतु ज्ञापन दिया गया है। 

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हिमाचल प्रदेश अभिभावक संघ ने साफ किया है कि

हिमाचल प्रदेश में नया शिक्षा सत्र शुरू होने के उपरांत निजी स्कूलों के द्वारा अत्यधिक बढे हुए दर से फीस लेने का सिलसिला जारी है। पिछले पंद्रह दिनों से शिमला के कई प्रतिष्ठित स्कूलों द्वारा स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को एस. एम. एस. और व्हाट्सएप्प के माध्यम से बढे हुए दर से केवल दो तीन किश्त में ही फीस जमा कराने की सूचना का क्रम जारी है। यह कुछ वैसा ही प्रतीत होता हे जैसे इन निजी स्कूलों के मालिकों ने इस कोरोना महामारी को अवसर में ही बदल दिया हो। तभी तो यह निजी स्कूलों के मालिकों ने अप्रत्याशित तरीके से बिना पी टी ये की सहमति के फीस में बढ़ोतरी की है। यद्यपि इस वर्ष भी पिछले वर्ष की भांति ही ऑनलाइन कक्षा का ही दौर जारी है। पिछले साल एनुअल फीस सरकारी आदेशों के बावजूद भी निजी स्कूलों के मालिक पूरा एनुअल चार्जेज लेने के लिए आमादा थे। परन्तु अभिभावकों की एकजुटता ने उस सरकारी आदेश को अमल में लाने के लिए भरसक प्रयास किया। जिस कारण आखिरकार एक लोकप्रिय सरकार का यह आदेश पूर्ण रूप से लागू हो पाया। ये निजी स्कूल प्रशासन , शिक्षा निदेशालय के पूर्व के दिशा निर्देशों एवं अभी चंद दिनों पूर्व ही शिक्षा निदेशालय द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से जारी किए गए जानकारी के उपरांत भी धड्ड़ले से ज़बर्ज़स्त बढे हुए दर से फीस की बसूली कर रहे हैं। इस सम्बन्ध में हमारे संगठन ने पहले भी आगाह किया था कि ये निजी स्कूलों के मालिक बिना पी. टी. ऐ. के परामर्श के फीस में कोई भी बढ़ोतरी ना करें। हमारे इस संघ ने यह भी कहा था कि यदि किसी निजी स्कुल में पी. टी. ऐ. नहीं बना है तो शीघ्र नए सिरे से पी. टी. ऐ. बना कर ही कोई फैसला लें।

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इस तरह इन निजी स्कूलों के मालिकों के द्वारा एकतरफ़ा फीस में बढ़ोत्तरी करना ना केवल शिक्षा निदेशालय के आदेशों का लगातार खुल्मखुल्ला उलंघन है बल्कि एक लोकप्रिय सरकार को भी चुनौती देना हैं। उपरोक्त विवरण को मद्देनज़र रखते हुए हिमाचल प्रदेश अभिभावक संघ शिमला के संज्ञान में समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से आने के उपरांत शिमला कार्यकारिणी के सदस्य क्रमशः रमेश कुमार ठाकुर-अध्यक्ष, श्री हमिंदर धौटा- कन्वीनर, आचार्य सी एल शर्मा-सचिव, श्री हरी शंकर तिवारी-सलाहकार , डॉक्टर संजय-मुख्य संरक्षक,  कुलदीप सिंह -कोषध्यक्ष,  पवन मेहता- मीडिया प्रभारी,जीतेन्द्र यादव-उपाध्यक्ष,  कुसुम शर्मा , रीता चौहान,  प्रतिभा,  सुरेश वर्मा ,  हेमा राठौर,  ज्ञान चन्द,  अम्बिर सहजटा, श्रीमति प्रियंका तंवर, तारा चन्द थरमाणि-कुल्लू शाखा एवं कर्यकारिणी के अन्य सदस्य एक स्वर से एक बार फिर मांग करते है कि शिमला प्रशासन , शिक्षा निदेशालय, शिक्षा मंत्री हिमाचल प्रदेश एवं लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश इस मामले में संज्ञान लें और अतिशीघ्र इन निजी स्कूलों के मालिकों द्वारा लगातार किए जा रहे इस एकतरफा फीस बढ़ोत्तरी पर लगाम लगाए। जिससे अभिभावक रूपी साधारण जनता पर लादे जा रहे इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ से बचाया जा सके।

Deepika Sharma

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