EXCLUSIVE: प्रदेश की महत्वपूर्ण हस्तियों के नाम से फर्जी वॉट्सऐप मेसेज आने की शिकायत
हिमाचल प्रदेश पुलिस के साइबर सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
हिमाचल प्रदेश की महत्वपूर्ण हस्तियों समेत कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम से फर्जी वॉट्सऐप मेसेज आने की शिकायत मिलने के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस के साइबर सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह प्रकाश में आया है कि कुछ अधिकारियों को एक अनजान नंबर से मेसेज आए जिनमें साइबर अपराधी अपनी पहचान किसी की महत्वपूर्ण हस्ती के रूप में बता रहा था। इसी तरह कुछ अधिकारियों को वॉट्सऐप पर मेसेज भेजे गए। हिमाचल प्रदेश पुलिस के साइबर सेल ने इस संबंध में पड़ताल शुरू कर दी है। साथ ही लोगों से यह अपील भी की है कि इस तरह के अनजान नंबर से आने वाले संदेशों को नजरअंदाज करें और पहचान की पुष्टि किए बिना किसी तरह की बातचीत न करें।पुलिस महानिदेशक हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय, शिमला की माने ने
यह देखा गया है कि इस तरह के अपराधी अक्सर रुपयों की मांग करते हैं या फिर कई बार फोन पर आए ओटीपी बताने को कहते हैं। अगर ओटीपी दे दिया जाए तो वे बैंक खातों में सेंध लगाकर ठगी करते हैं।
अपराध का तरीका:- साइबर क्षेत्र में ठगी के लिए अपराधी निरंतर नये नये तरीके अपनाते हैं । वर्तमान समय में WhatsApp के माध्यम से ठगी का प्रयास किया जा रहा है । साइबर अपराधी विशेषकर Nigerian सिटीजन जो भारतवर्ष में छतरपुर,दिल्ली आदि स्थानों में रह रहे है, वे नार्थ ईस्ट, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदश आदि राज्यों के Pre-activated SIM’s स्थानीय सिम रिटेलर (दुकानदारों) से प्राप्त कर लेते हैं और उस नंबर से ठगी के लिए रखे गये मोबाइल फ़ोन पर रजिस्टर कर लेता है और उस सिम को आगामी इस्तेमाल के लिए ग्रामीण, मजदूर या अनपढ़ लोगों को दिया जाता है जो वे इस बात से अनभिज्ञ होतें है कि इस सिम से WhatsApp नंबर पहले ही रजिस्टर किया जा चूका है। साइबर अपराधी इस WhatsApp के रजिस्टर होने पर उस पर भारतवर्ष के किसी भी राज्य के महत्त्वपूर्ण हस्तियों, विभाग प्रमुख एवम वरिष्ठ अधिकारीयों की फोटो को Whatsapp में प्रोफाइल फोटो के तौर पर प्रयोग करते हैं उसके पश्चात उनके मित्र, सहकर्मियों, रिश्तेदारों तथा परिचित व्यक्तियों को WhatsApp मेसेज भेजे जातें हैं तथा सन्देश में आग्रह किया जाता है कि उन्हें कोई तुरंत आवश्यकता एवम मेडिकल इमरजेंसी हो गयी है जो Amazon गिफ्ट कार्ड के माध्यम से निर्धारित राशी भेजी जाये तथा Amazon गिफ्ट कार्ड कोड को शेयर करने के लिए कहते है जब यह कोड साइबर अपराधी के पास पहुंच जाता है तो वह इस कोड को एक अन्य व्यक्ति को भेज देता है तथा उससे 05 या 10% कटौती के बाद बाकि राशी का Cryptocurrency आदि खरीद करने को कहता है Whatsapp के संचालन के लिए इन्टरनेट कि आवश्यकता होती है जिसके लिए VPNया डबल सर्वर प्रॉक्सी का इस्तेमाल उपरोक्त Nigerian सिटीजन साइबर अपराधी अधिकतर करते है जिस कारणं जांच एजेंसी को सोर्स IP का पता लगाने में विलंब हो जाता है ।
क्या बोल रहे साइबर क्राइम थाना एएसपी

साइबर क्राइम थाना एएसपी नरवीर राठौर का कहना है कि आम जन से यह अनुरोध है कि इस तरह के अनजान नंबर से जिस पर किसी महत्त्वपूर्ण हस्तियों, विभाग प्रमुख एवम वरिष्ठ अधिकारीयों की Whatsapp प्रोफाइल फोटो लगे गयी हो, से आने वाले संदेशों को नजरअंदाज करें और पहचान की पुष्टि किए बिना किसी तरह की बातचीत न करें। तथा स्थानीय पुलिस या राज्य थाना शिमला में इस संदर्भ में सम्पर्क करें।



