मजदूरों पर किडनी संबंधित रोग का सबसे ज्यादा खतरा देखा जाता है ।शिमला के तारा हॉस्पिटल के डॉक्टर नंदलाल कोंडल का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में आजकल सबसे ज्यादा किडनी से संबंधित मरीजों की संख्या सामने आने लगी है|
इन लोगों में सबसे ज्यादा मरीज कारखानों में काम करने वाले व्यक्ति देखे जाते हैं।.तथा लेबर वर्कर ज्यादातर पाए जाते हैं इनकी किडनी खराब होने के पीछे सीमेंट का सबसे बड़ा हाथ है|यह मजदूर मास्क का इस्तेमाल नहीं करते हैं। हालांकि प्रशासन भी इस बात को मानता है कि कई बार मजदूरों को मास्क देने के बावजूद भी वह मास्क इस्तेमाल नहीं करते हैं लेकिन कई जगह भी देखा जाता है कि उद्योगपति या ठेकेदार मजदूरों के स्वास्थ्य का ख्याल नहीं रख पा रहें है।
देखें बेंटेनी कैसल का हाल
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असर न्यूज़ की टीम ने शिमला की कई जगहों को खंगाला जिसमें बेंटली कैसल के पास काम कर रहे मजदूरों को देखा गया कि वह बिना मास्क के काम कर रहे हैं।
सीमेंट इनके फेफड़ों में जमा हो जाता है तथा धीरे-धीरे इनकी किडनी पर प्रभाव पड़ता है डॉक्टर का कहना है कि यदि किसी भी व्यक्ति को पीठ में थोड़ा थोड़ा दर्द तथा बार-बार मल आता है तो उन्हें खुद से दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए उन्हें तुरंत अस्पताल आना चाहिए|उनकी स्टडी के मुताबिक मजदूरों में ज्यादातर फेफड़ों की बीमारी और उसके बाद किडनी खराब की बीमारी की जा रही है। कई बार बहुत देर इस अस्पताल पहुंचते हैं
उनकी यही देरी उनकी किडनी फेल होने का कारण बनता है।
.उद्योगपतियों से विनम्र निवेदन है कि वह लेबर वर्करों को मासक प्रदान करें ताकी उनके फेफड़ों में सिमेंट जमा ना हो.. डॉक्टर का मानना है कि व्यक्ति को खूब पानी पीना चाहिए जिससे किडनी रोगों से वह बच सकता है वही ऐसी दवाइयों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जिससे उसके किडनी पर प्रभाव पड़े बल्कि जो भी दवा का इस्तेमाल किया जाए वह डॉक्टर की सलाह के तहत ही किया जाए जिससे किडनी के रोग से बचा जा सकता है ।
असर टीम से पूजा की रिपोर्ट




