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बड़ी खबर: एचआरटीसी में बसों के कलपुर्जों की काफी कमी

बसों की समय पर सही मुरम्मत नहीं हो पा रही

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एचआरटीसी में बसों के कलपुर्जों की काफी कमी हो गई है।हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष  समर चौहान, उपाध्यक्ष  पूर्ण चन्द शर्मा, सचिव  खेमेन्द्र गुप्ता, प्रवक्ता  संजय कुमार, कोषाध्यक्ष  जगदीश चन्द एवम् सर्व  हितेंद्र कंवर, गोपाल लाल, देवी चन्द, देश राज, राय सिंह, धनी राम, सुख राम, प्रेम सिंह, अनित कुमार, ऋषि लाल, संजीव कुमार, नवल किशोर, टेक चन्द, विजय कुमार, यशपाल सुल्तानपुरी, सुशील कपरेट, दलीप शर्मा ने संयुक्त ब्यान में कहा है कि दिनांक 4 अप्रैल 2022 को बस नंबर HP 03B 6174 मनाली शिमला, पंडोह नामक स्थान के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। एचआरटीसी चम्बा यूनिट की एक बस रूट पर चलते चलते जलकर राख हो गई। उक्त बसों की दुर्घटनाओं का कारण तकनीकी खराबी बताया जा रहा है। जबिक HP 03B 6174 बस को चालक दिनांक 02 अप्रैल 2022 को मेंटेनेंस के लिए कर्मशाला में लेकर गया था और वहां पर चालक द्वारा गाड़ी को ठीक करने के लिए चार डिफेक्ट दिए गए 1. गाड़ी का रूटीन चेकअप किया जाए, 2. लेफ्ट साइड की कम्मानी ठीक की जाए, 3. शाफ्ट चैक की जाए, 4. ब्रेक ठीक की जाए। अब यह जांच का विषय है कि गाड़ी जब मुरम्मत के लिए कर्मशाला में जाती है तो वहां पर तकनीकी कर्मचारियों की नॉर्म अनुसार संख्या कितनी है और कार्यरत कितने है। क्योंकि कर्मशालाओं में तकनीकी कर्मचारियों और स्टोरों में कलपुर्जों की भारी कमी चल रही है। जिससे बसों की समय पर सही मुरम्मत नहीं हो पा रही है। जबकि गाड़ी की निर्माता कंपनियों द्वारा नॉर्म के अनुसार प्रीवेंटिव मेंटेनेंस निर्धारित की गई है। परंतु निगम प्रबंधन प्रीवेंटिव मेंटेनेंस के बजाएं ब्रेकडाउन मेंटेनेंस की ओर आ गए हैं। जिससे कि हमेशा ही जान माल के नुकसान का अंदेशा बना रहता है जिसकी वजह से उक्त बस में कार्यरत चालक को अपनी जान गंवानी पड़ी एवं परिचालक भी दोनों टांगों से अपाहिज हो गया है और बहुत से यात्री भी घायल हुए हैं। इससे आम जनमानस में एचआरटीसी की छवि धूमिल हुई है। इस घटना से सीधे तौर पर एचआरटीसी प्रबंधन की संस्था के प्रति कार्यशैली की उदासीनता को प्रदर्शित करती है।

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 समन्वय समिति प्रदेश सरकार व निगम प्रबंधन से मांग करती है कि उक्त घटना में शहीद हुए चालक के परिजन को एक माह के भीतर नौकरी के साथ उसकी धर्मपत्नी को माता और बच्चों की परवरिश के लिए पेंशन दी जाए एवं अपाहिज हुए परिचालक को आजीवन घर बैठे पूरी तनख्वा प्रदान की जाए तथा प्रीवेंटिव मेंटेनेंस को सुचारू करने के लिए कर्मशालाओं में नॉर्म के अनुसार तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती की जाए और स्टोरों में सभी प्रकार के कलपुर्जों की आपूर्ति समय अनुसार सुनिश्चित की जाए। जिससे कि चालक-परिचालक फील्ड में निर्भय होकर अपनी सेवाएं प्रदान कर सके और भविष्य में किसी अनहोनी से बचा जा सके।

 

 

 

Deepika Sharma

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