असर विशेष :मासिक धर्म में किशोरियों को लेकर बड़ी ख़बर
6 रुपये में मिलेंगे सेनेटरी नैपकिन, सरकार की बड़ी पहल से लाखों किशोरियों को राहत

ASHA वर्कर्स के जरिए घर-घर पहुंचेगा सेनेटरी नैपकिन, नई गाइडलाइन जारी
भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा किशोरियों में मासिक स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही योजना को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि वे सेनेटरी नैपकिन की खरीद के लिए अपने-अपने राज्य कार्यक्रम कार्यान्वयन योजना (PIP) में बजट प्रस्ताव प्रस्तुत करें।
जारी पत्र के अनुसार, अब से सेनेटरी नैपकिन की खरीद राज्य स्तर पर प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया (competitive bidding) के माध्यम से की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की 10 से 19 वर्ष की किशोरियों में मासिक स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उच्च गुणवत्ता वाले सेनेटरी नैपकिन की उपलब्धता सुनिश्चित करना और उनके सुरक्षित निपटान को बढ़ावा देना है।
योजना के तहत प्रारंभिक चरण में राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कम से कम 25 प्रतिशत ग्रामीण किशोरियों को कवर करें। योजना के प्रभाव और उपयोग के आधार पर आने वाले वर्षों में इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है।
फंडिंग पैटर्न के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत एक पैक (6 नैपकिन) पर अधिकतम 12 रुपये तक की सहायता दी जाएगी, जिसमें टैक्स और परिवहन लागत शामिल होगी। जिन राज्यों में यह योजना पहले से लागू है, वहां 8 रुपये प्रति पैक का प्रावधान रहेगा, जबकि अतिरिक्त 4 रुपये राज्य अपने संसाधनों से वहन करेंगे।
इसके अलावा, यह भी स्पष्ट किया गया है कि किशोरियों को यह पैक मात्र 6 रुपये में उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे आशा कार्यकर्ताओं (ASHA) के माध्यम से घर-घर और स्कूलों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों के जरिए वितरित किया जाएगा। आशा कार्यकर्ताओं को प्रति पैक 1 रुपये का प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।
योजना के तहत एकत्रित राशि का उपयोग परिवहन, भंडारण और स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों पर किया जाएगा। शेष राशि को राज्य स्वास्थ्य सोसायटी खाते में जमा कर अगले वर्ष की खरीद में इस्तेमाल किया जाएगा।
मंत्रालय ने सभी राज्यों से अपील की है कि वे 2016-17 के लिए समय पर बजट प्रस्ताव भेजें, ताकि योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके और अधिक से अधिक किशोरियों तक इसका लाभ पहुंच सके।



