मानवता की मिसाल: शिमला यूनिवर्सिटी कैंपस में एकत्र हुआ 45 यूनिट रक्त, विद्यार्थियों और शिक्षकों ने रक्त महादान में दिया योगदान

शिमला यूनिवर्सिटी (एपीजी) के फार्मेसी विभाग द्वारा मंगलवार को क्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह रक्तदान शिविर शिविर सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक यूनिवर्सिटी कैंपस में चलाया गया, जिसमें छात्रों, शोधार्थियों और फैकल्टी सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इस महादान में अपना योगदान दिया। रक्तदान शिविर में कमला नेहरू स्टेट हॉस्पिटल फॉर मदर एंड चाइल्ड, शिमला की मेडिकल टीम ने विशेष रूप से शिरकत की और ब्लड कलेक्शन की प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से पूरा करवाया। कमला नेहरू हॉस्पिटल के ब्लड सेंटर की ओर से कंचन सिंह के नेतृत्व में आई मेडिकल टीम जिसमें बलदेव राणा, सविता कुमारी, ललित शर्मा और कामेश्वर ने रक्तदाताओं का सहयोग किया। दिनभर चले इस रक्तदान शिविर में कुल 45 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।
इस मौके पर एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी के प्रबंधन व प्रशासन ने रक्तदाताओं को सम्मानित किया और उनका उत्साहवर्धन करते हुए अपना संदेश दिया कि रक्तदान सबसे बड़ा मानवीय महादान है। आपका एक यूनिट ब्लड किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। शिमला यूनिवर्सिटी के छात्रों और शिक्षकों द्वारा सामाजिक दायित्व को समझते हुए आगे आना अत्यंत गर्व की बात है। ऐसे आयोजन युवाओं में समर्पण और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं। रक्तदान शिविर का सफल आयोजन फार्मेसी विभाग के डीन डॉ. संदीप सचन और विभागाध्यक्ष ललित कुमार की देख-रेख में हुआ। उन्होंने बताया कि एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी का फार्मेसी विभाग हमेशा से ही स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के कार्यों में हमेशा अग्रणी रहा है और आगे भी ऐसे आयोजन करता रहेगा।
शिविर के अंत में सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र और रिफ्रेशमेंट प्रदान की गई। शिमला यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कमला नेहरू हॉस्पिटल की मेडिकल टीम और सभी स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इस तरह रक्तदान शिविर में योगदान देते रहें ताकि जरूरतमंदों की सहायता हो सके और उनका जीवन बचाया जा सके।




