शिमला-बपढ़ोण बस सेवा पर उठे सवाल, बार-बार खराबी से यात्री परेशान
निर्धारित समय पर बस नहीं मिलने से महिलाओं, विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों को हो रही परेशानी

शिमला।
हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की ग्रामीण क्षेत्र यूनिट-III के अंतर्गत संचालित शिमला-बपढ़ोण बस सेवा पिछले कुछ समय से लगातार अनियमित रहने के कारण यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। यात्रियों की ओर से सामने आई शिकायत के अनुसार पिछले करीब एक से तीन महीनों से बस बार-बार तकनीकी खराबी के चलते मार्ग में बंद हो रही है, जिससे निर्धारित समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
शिकायत के मुताबिक बस के बार-बार खराब होने के अलग-अलग कारण सामने आते हैं। कभी सड़क की खराब स्थिति को कारण बताया जाता है, तो कभी गियर बॉक्स, ब्रेक अथवा अन्य यांत्रिक खराबी की जानकारी दी जाती है। कई मौकों पर यात्री निर्धारित समय पर आईएसबीटी शिमला पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें बताया जाता है कि संबंधित बस अभी ढली वर्कशॉप में मरम्मताधीन है।
इस मार्ग की बस का आईएसबीटी शिमला से निर्धारित प्रस्थान समय शाम 4:10 बजे बताया गया है। वहीं छुट्टी से पूर्व दिवस पर भी शाम 5:45 बजे इसके संचालन का प्रावधान है। बस समय पर उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है और कई बार गंतव्य तक पहुंचने के लिए महंगे वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है।
बस सेवा की अनियमितता का असर विशेष रूप से महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों तथा कॉलेज और आईटीआई विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि नियमित परिवहन सुविधा नहीं मिलने से उनका समय और पैसा दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि समस्या को लेकर क्षेत्रीय प्रबंधक से दूरभाष पर संपर्क करने पर कई बार केवल समस्या देखने का आश्वासन मिलता है। इसी तरह आईएसबीटी शिमला के पूछताछ कार्यालय से भी बस के ढली वर्कशॉप में होने की जानकारी दी जाती है। यात्रियों का कहना है कि बार-बार सामने आ रही समस्या के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा है।
यात्रियों ने इसे केवल बस के रखरखाव से जुड़ा मामला न मानते हुए उनकी सुरक्षा, सुविधा और जनहित से जुड़ा विषय बताया है। उन्होंने मांग की है कि बार-बार खराब होने वाली बस के स्थान पर तकनीकी रूप से सुरक्षित और सुचारु बस उपलब्ध करवाई जाए तथा बस का नियमित तकनीकी निरीक्षण और समयबद्ध रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही निर्धारित समय के अनुसार बस सेवा का संचालन सुनिश्चित करने, तकनीकी कारणों से बस उपलब्ध न होने पर तत्काल वैकल्पिक बस की व्यवस्था करने तथा बार-बार होने वाली खराबी के वास्तविक कारणों की जांच कर स्थायी समाधान निकालने की मांग की गई है। यात्रियों ने संबंधित अधिकारियों से शिकायतों पर केवल मौखिक आश्वासन के बजाय प्रभावी कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
यात्रियों को उम्मीद है कि एचआरटीसी प्रबंधन इस मामले का संज्ञान लेकर शिमला-बपढ़ोण बस सेवा को नियमित, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।




