शिक्षकों की वर्दी तथा बार बार हाजरी से जरूरी हैं प्रधानाचार्य की नियुक्ति एवं आधारभूत ढांचा सृजन:- सुरेन्द्र पुंडीर
हिमाचल प्रदेश विद्यालय प्रवक्ता संघ राज्य चेयरमैन सुरेन्द्र पुंडीर ने सरकार द्वारा सीबीएसई विद्यालय के शिक्षकों के लिए निर्धारित वर्दी एवं विद्या समीक्षा केंद्र पर तीन बार हाजरी के निर्देशों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रवक्ता संघ ने सदैव ही शिक्षकों सहित सभी कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड अर्थात औपचारिक पौषाक का समर्थन किया हे परंतु ड्रेस कोड के नाम पर वर्दी पहनाना उचित प्रतीत नहीं लगता । साथ ही शिक्षक पहले ही दिन में छ छ बार हाजरी लग रहे है ;दो बार रजिस्टर पर, दो बार बायोमैट्रिक मशीन पर, दो बार विद्या समीक्षा केंद्र पर आदि अब एक बार दोपहर को भी हाजरी लगाने से शायद ही कोई विशेष अंतर आएगा बल्कि इसके विपरीत बार बार हाजरी के चक्कर में शिक्षकों का ध्यान अपनी कक्षाओं की समय सारिणी के स्थान अपनी हाजरी की समय सारिणी पर रहेगा। बेशक गुणात्मक शिक्षा के लिय नवाचार एवं प्रशासनिक स्तर पर नीति निर्धारण में परिवर्तन होना अनिवार्य है परंतु यह भी नितांत आवश्यक हो जाता हे कि उसके व्यवहारिक पहलुओं का विश्लेषण किया जाए। पुंडीर ने सुझाव दिया की सरकार तथा शिक्षकों सहित अन्य कर्मचारियों के मध्य परस्पर विश्वास का होना अति अनिवार्य हे ।संघ चेयरमैन ने सरकार से निवेदन किया कि वर्तमान में सीबीएसई विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सीबीएसई विद्यालयों में बढ़ रहे नामांकन के अनुरूप निर्धारित मापदंडों के अनुसार सभी अनिवार्य सुविधाएं जैसे प्रयाप्त आकार के कक्षा कक्ष , प्रयोगशालाएं, खेल के मैदान, सुरक्षित चार दिवारी , समुचित शौचालय आदि को विकसित किया जाना चाहिए । संघ प्रतिनिधि ने चिंता व्यक्त की कि विभाग के निरंतर प्रयास के वावजूद भी कुछ सीबीएसई विद्यालयों में प्रधानाचार्य तक कि नियुक्ति नहीं हो पाई है तथा पद वर्षों से रिक्त है एसी परिस्थितियों में कार्यकारी प्रधानाचार्य की जुगाड़ी व्यवस्था में वहां बार बार हाजरी लगाने से अथवा शिक्षकों को वर्दी पहनाने से गुणात्मक शिक्षा की अपेक्षा रखना शायद न्यायोचित नहीं।



