राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला में ‘दान उत्सव’ पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला में ‘दान उत्सव’ पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला में आज प्रसिद्ध गैर सरकारी संस्था *गूंज के सहयोग से *दान उत्सव एक पहल और समाज के प्रति सतत योगदान* विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अनुरिता सक्सेना ने इस अवसर पर कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को सामाजिक जिम्मेदारी, सतत जीवन शैली, पुनर्चक्रण (Recycling) और समाज के प्रति सार्थक योगदान देने हेतु जागरूक करना है। डॉ. सक्सेना ने अपने अनुभव सांझा किए। उन्होंने महाविद्यालय में चलाई जा रही विभिन्न सतत व सामाजिक रूप से जिम्मेदार पहलों की जानकारी दी और गरिमा के साथ दान देने व स्थिरता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए गूंज संस्था के प्रयासों की सराहना की।
कार्यशाला में *सम्मान के साथ दान* देने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। “गूंज” टीम ने बताया की समाज में योगदान केवल अनुपयोगी वस्तुओं को दान करना ही नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि संसाधन सम्मान के साथ जरूरतमंदों तक पहुंचे और उनकी गरिमा बनी रहे। टीम ने गूंज की विभिन्न पहलों के बारे में जानकारी दी कि कैसे बेकार और अतिरिक्त सामग्री को पुनः उपयोगी बनाकर सामुदायिक जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।
इस सत्र को गूंज की ओर से सुश्री खुशबू ,श्री अभिषेक और श्री पी.के अहलूवालिया ने संबोधित किया। उन्होंने छात्राओं से संवाद किया और संस्था के दर्शन और कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया।
महाविद्यालय प्राचार्या ने गूंज टीम को आश्वासन दिया कि महाविद्यालय अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में दान उत्सव पहल में सक्रिय रूप से योगदान देगा।उन्होंने कहा कि हमारा ये प्रयास रहता है कि हम महाविद्यालय में ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करते रहें जिससे छात्राओं में समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध हो वे ऐसे समाज के निर्माण में सहयोगी बने जहां समाजिक, मानवीय मूल्यों व संवेदनाएं संचारित हों ।इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्राएं व महाविद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे।



