वंदे मातरम् का अपमान देश स्वीकार नहीं करेगा, कांग्रेस यह तय नहीं कर सकती कि राष्ट्रगीत खंडित होकर गाया जाए : जयराम ठाकुर

विधानसभा में संपूर्ण वंदे मातरम् गायन की मांग पर भाजपा अडिग, कार्यवाही का वीडियो नहीं मिला तो कानूनी विकल्प और हाईकोर्ट जाने पर भी करेंगे विचार : जयराम ठाकुर
विपक्ष जनहित के मुद्दों पर चर्चा चाहता है, सत्ता पक्ष स्वयं सदन से वॉकआउट कर चर्चा से भाग रहा है : जयराम ठाकुर
रिज मैदान पर डेढ़ घंटे चला भाजपा विधायक दल का जवाबी धरना, सामूहिक वंदे मातरम् और देशभक्ति के गीतों से गूंजा शिमला
शिमला, 23 अगस्त। भारतीय जनता पार्टी विधायक दल ने नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में रविवार को ऐतिहासिक रिज मैदान, शिमला स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस के खिलाफ जवाबी धरना दिया और सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस कार्यक्रम में भाजपा विधायकों के साथ सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान वंदे मातरम् और अन्य देशभक्ति गीतों से पूरा रिज मैदान गूंज उठा।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वंदे मातरम् भारत के स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा और असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि इसी उद्घोष के साथ देश के वीर क्रांतिकारियों ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा दी और अनेक वीरों ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा। ऐसे राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक दल ने विधानसभा में केवल इतना आग्रह किया था कि सदन में संपूर्ण वंदे मातरम् का सम्मानपूर्वक गायन किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन की कार्यवाही से पहले तैयार किए गए कार्यक्रम में वंदे मातरम् का उल्लेख था, लेकिन बाद में इसे हटा दिया गया। भाजपा ने सदन के भीतर इस विषय को उठाया, परंतु सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाने के बजाय गतिरोध की स्थिति पैदा की।
जयराम ठाकुर ने कांग्रेस के ऐतिहासिक रुख का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1937 में कांग्रेस ने वंदे मातरम् के केवल कुछ अंशों को अपनाने का निर्णय लिया था। उन्होंने दावा किया कि 6 अप्रैल 1938 को जवाहरलाल नेहरू द्वारा मोहम्मद अली जिन्ना को लिखे गए पत्र में भी वंदे मातरम् से संबंधित आपत्तियों का उल्लेख किया गया था। उन्होंने कहा कि आज स्वतंत्र भारत में राष्ट्रगीत के सम्मान का प्रश्न किसी राजनीतिक दल के निर्णय से नहीं बल्कि राष्ट्रीय भावना और संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी का कोई निर्णय देश और उसकी लोकतांत्रिक संस्थाओं से ऊपर नहीं हो सकता। देश संविधान और संसद द्वारा स्थापित व्यवस्थाओं के अनुसार चलता है, किसी राजनीतिक दल के फरमान से नहीं। भाजपा का स्पष्ट मत है कि वंदे मातरम् के प्रति पूर्ण श्रद्धा और सम्मान का भाव होना चाहिए।
राष्ट्रगान के अपमान का आरोप पूरी तरह गलत, वीडियो सार्वजनिक करे विधानसभा : जयराम
नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस नेताओं द्वारा भाजपा विधायकों पर राष्ट्रगान के अपमान के लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में राष्ट्रगान के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्य पूरे सम्मान के साथ खड़े रहे और राष्ट्रगान में शामिल हुए। इसके बाद विपक्ष ने वंदे मातरम् के गायन की मांग उठाई थी।
उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक दल पिछले तीन दिनों से विधानसभा की उस कार्यवाही का वीडियो मांग रहा है। विधानसभा अध्यक्ष से भी इस संबंध में मुलाकात की गई है और विपक्ष के सभी विधायकों ने विधानसभा सचिव को लिखित रूप से वीडियो उपलब्ध करवाने की मांग की है, लेकिन अभी तक वीडियो उपलब्ध नहीं करवाया गया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि कांग्रेस के आरोपों में सच्चाई है तो विधानसभा की कार्यवाही का पूरा वीडियो सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में कानूनी विकल्पों का भी परीक्षण कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेगी।
उन्होंने कहा कि इसी विषय पर अपना स्पष्ट संदेश देने के लिए भाजपा विधायक दल ने सदन न होने के दिन महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष एकत्रित होकर सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया है। यह कार्यक्रम प्रतीकात्मक रूप से यह संदेश देने के लिए आयोजित किया गया कि राष्ट्रगीत के सम्मान से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
जनहित के सवालों से बचना चाहती है कांग्रेस सरकार : जयराम
जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा विधानसभा में जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा चाहती है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के समय पांच वर्षों में पांच लाख रोजगार और प्रतिवर्ष एक लाख नौकरियां देने की गारंटी दी थी। भाजपा इस गारंटी की वास्तविक स्थिति पर सरकार से जवाब चाहती है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने प्रश्नकाल चलाने और सदन की कार्यवाही में पूर्ण सहयोग देने की बात कही है, लेकिन प्रदेश में पहली बार ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है कि विपक्ष सदन चलाना चाहता है और सत्ता पक्ष के विधायक तथा मंत्री स्वयं नारे लगाते हुए सदन से बाहर जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बेरोजगारी, रोजगार की गारंटी, प्रदेश की आर्थिक स्थिति और अन्य जनहित के विषयों पर जवाब देने से बच रही है। विपक्ष अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाते हुए इन मुद्दों को सदन में उठाना चाहता है, लेकिन सत्ता पक्ष चर्चा से बचने का प्रयास कर रहा है।
‘रंग दे बसंती चोला’ से देशभक्ति के रंग में रंगा रिज मैदान
धरने के दौरान पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने ‘रंग दे बसंती चोला’ सहित देशभक्ति के गीतों से कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा विधायक और कार्यकर्ता भी देशभक्ति के गीतों में उत्साहपूर्वक शामिल हुए और रिज मैदान राष्ट्रभक्ति के नारों एवं गीतों से गूंज उठा।
इस अवसर पर भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार, बिक्रम ठाकुर, राकेश जमवाल, त्रिलोक जमवाल, सुधीर शर्मा, आशीष शर्मा और पवन काजल सहित भाजपा विधायक दल के सदस्य तथा पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक वंदे मातरम् गायन में भाग लेकर राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त की।
