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अध्यापकों के लंबित मुद्दों पर सरकार को घेरा, 17 सूत्रीय एजेंडा सौंपा

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हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ हिमाचल के समस्त अध्यापकों का प्रतिनिधि संगठन है। आज की राज्य कार्यकारिणी की बैठक राज्य अध्यक्ष नरोत्तम वर्मा की अध्यक्षता में होटल ग्रीन हिल गेस्ट हाउस एवं रेस्टोरेंट नजदीक तर्कवाडी जिला हमीरपुर में की गई जिसमें मुख्य संरक्षक नरेश महाजन,राज्य महासचिव संजीव ठाकुर, संरक्षक राकेश शर्मा, रत्ती राम वर्मा,राज्य वित्त सचिव सतीश पुडीर,वरिष्ठ उप प्रधान पंकज शर्मा, सुरेश नरयाल,उप प्रधान जोगिंदर,चीफ प्रेस सचिव कश्मीरी लाल, प्रेस सचिव सुरेश ठाकुर, मुख्य सलाहाकार कमल राज अत्री,चेयरमैन स्टीरिंग कमेटी सुनील शर्मा, जिला प्रधान बिलासपुर से राम लोक ,हमीरपुर से राज कुमार, कांगड़ा से नरेश धीमान, मंडी से अश्विनी गुलेरिया,सोलन से गुरमेल सिंह चौधरी,सिरमौर से हरदेव ठाकुर,उना से मुकेश जिला महामंत्री,पूर्व राज्य अध्यक्ष प्यारू राम सन्ख्यान,पूर्व राज्य महासचिव अजय शर्मा व संघ के लगभग 75 सदस्यों ने शिरकत की
इस बैठक के माध्यम से सभी ने एकमत होकर सरकार एवं विभाग का ध्यान निम्न विषय की ओर आकर्षित करना चाहा कि सरकार के कार्यकाल के लगभग 4 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं पर कर्मचारी वर्ग सामान्य तौर पर अध्यापक वर्ग विशेष तौर पर संतुष्ट नहीं हैं जिसका कारण है बहुत से जायज मुद्दों का सरकार द्वारा निराकरण न करना है। निराकरण के लिए आवश्यक है – सरकार, विभाग, व संगठन के मध्य इन पर विस्तृत चर्चा हो। इनमें से कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे जिनका शीघ्र प्राथमिकता के आधार पर निराकरण अनिवार्य है, एजेंडा के मुख्य मुद्दे इस प्रकार से हैं:-
1. लंबित महंगाई भत्ते का एरियर सहित भुगतान का तुरंत प्रावधान करना तथा 15% लंबित महंगाई भत्ते की सभी किश्तों की अदायगी एक मुश्त की जाए।
2. छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर बकाया एरियर का भुगतान शीघ्र अति शीघ्र किया जाए।
3. लम्बे समय से अध्यापकों की पदोन्नति नहीं हुई है अतः सभी वर्गों के अध्यापकों की पदोन्नति सूची तुरंत जारी की जाए।
4. बहुत लम्बे अरसे से राज्य कर्मचारियों के भत्ते संशोधित नहीं किए गए हैं अतः संघ मांग करता है कि इन भत्तों में संशोधन कर इन्हें पंजाब अथवा केंद्र सरकार की तर्ज पर अदा किया जाए।
5. शिक्षा में गुणवत्ता व बच्चों के मजबूत शैक्षिक आधार के लिए प्राथमिक विद्यालय में हर कक्षा के लिए एक अध्यापक की व्यवस्था की जाए।
6. अध्यापकों से गैर शैक्षिक कार्यों के करवाने पर पूर्ण प्रतिबन्ध व विद्यालयों में अत्यधिक गैर शैक्षिक गतिविधियों को कम किया जाए।
7. सभी डी.पी.ई. अध्यापकों को नियमों में एक मुश्त छूट देते हुए इनको प्रवक्ता स्कूल न्यू (शारीरिक शिक्षा) का पदनाम व सभी लाभ प्रदान किया जाएं।
8. सभी आउट सोर्स्ड अध्यापकों विशेष तौर पर कम्प्यूटर अध्यापकों को शिक्षा विभाग में समायोजित करने के लिए ठोस नीति बनाई जाए।
9. 300+10 से अधिक अर्जित अवकाश को अध्यापकों के अर्जित अवकाश खाते में जमा किए जाने का प्रावधान किया जाए।
10. अध्यापकों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 62 की जाए।
11. संघ प्रधानाचार्य के कार्यभार ग्रहण व त्याग से सम्बंधित 07-07-2023 के शिक्षा सचिव के द्वारा जारी उस कार्यालय ज्ञापन को तुरंत प्रभाव से वापिस लेने की मांग करता है जिसमें राजपत्रित प्रथम श्रेणी के अधिकारी को इस कार्य के लिए जिला शिक्षा उपनिदेशक के कार्यालय के चक्कर लगाने के लिए बाध्य किया गया है।
12. संघ उन संगठनों की सभी गतिविधियों पर भी तुरंत रोक लगाने की मांग करता है जो न तो कहीं किसी कानून के तहत पंजीकृत हैं और न ही उनकी कानूनी सम्बद्धता है, ये संगठन अपनी गतिविधियों के नाम पर सरकार से अनेक प्रकार की रियायतें ले कर सरकार के पैसे, समय व विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ अन्याय कर रहे हैं।
13. ⁠अध्यापकों के सभी वर्गों की पदोन्नति समय पर हो इसके लिए शैक्षिक सत्र के आरम्भ में ही डी॰पी॰सी॰ कर वर्ष भर के लिए एक पैनल तैयार किया जाए ताकि समय पर शिक्षकों को पदोन्नत किया जा सके और पद रिक्त न रहें । वर्तमान में भी इसी कारण बहुत से पद रिक्त पड़े हैं ।
14. शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा पर खर्च का बजट राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 6% किया जाए।
15. एक ही पद/कैडर में 15 वर्ष के नियमित सेवाकाल पूरा होने पर सभी अध्यापकों को दो विशेष वेतन वृद्धियों का प्रावधान की जाए।
16. शिक्षा में गुणवत्ता व मानव संसाधनों के अनुकूलतम प्रयोग के सन्दर्भ में किए गए युक्तिकरण का राजकीय अध्यापक संघ हमेशा पक्षधर रहा है लेकिन युक्तिकरण राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप की जाए।
17. हिमाचल सरकार के कार्मिक विभाग के ज्ञापन संख्या Per(AP-B)-A (3)-5/2020 दिनांक 03 जून 2022 का अक्षरश पालन ।

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संघ आशावादी होने के साथ-साथ उम्मीद करता है कि उक्त एजेंडे पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी और इन पर चर्चा करने के लिए शीघ्र ही संघ को बैठक का समय देगी।

Deepika Sharma

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