ओरिएंटेशन के पहले दिन विद्यार्थियों ने जानी शिमला यूनिवर्सिटी की व्यवस्थाएं
दस्तावेज सत्यापन, आईडी कार्ड पंजीकरण और इंडक्शन किट वितरण के साथ नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत

शिमला, 27 जुलाई।
शिमला यूनिवर्सिटी (एपीजी) में सोमवार को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नए विद्यार्थियों का ओरिएंटेशन कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन हिमाचल प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी परिसर पहुंचे। विश्वविद्यालय प्रशासन, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों ने विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा प्रवेश से संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करवाने में उनका सहयोग किया।

ओरिएंटेशन कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे प्रवेश खंड में विद्यार्थियों के पंजीकरण के साथ हुई। इस दौरान उनके शैक्षणिक एवं अन्य जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। विद्यार्थियों ने पहचान पत्र के लिए आवश्यक विवरण और दस्तावेज भी जमा करवाए। सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद विद्यार्थियों को इंडक्शन किट वितरित की गई।
विश्वविद्यालय की ओर से प्रवेश खंड में विशेष सहायता काउंटर स्थापित किए गए थे, जहां विद्यार्थियों को पंजीकरण, पहचान पत्र, विभागीय यूनिफॉर्म, कक्षाओं, छात्रावास और परिसर में उपलब्ध अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी गई।
संकाय सदस्यों और कर्मचारियों ने विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया के प्रत्येक चरण के बारे में विस्तार से बताया। विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की समस्याओं एवं प्रश्नों का भी मौके पर समाधान किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि नए विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पंजीकरण और दस्तावेज सत्यापन के बाद विद्यार्थियों को अलग-अलग समूहों में बांटकर विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण करवाया गया। संबंधित संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों को उनके विभागों, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, सभागार, प्रशासनिक कार्यालयों, खेल सुविधाओं, छात्रावासों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों से परिचित कराया।
परिसर भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन, समय-सारिणी, विभागीय गतिविधियों और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, क्लबों, समितियों और विभिन्न सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी भाग लेने के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मूलभूत सुविधाओं से संबंधित विशेष स्टॉल भी लगाया गया। यहां विद्यार्थियों को दैनिक उपयोग की जरूरी वस्तुओं, परिसर में उपलब्ध सेवाओं और सहायता केंद्रों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। इसका उद्देश्य नए स्थान पर आए विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाना और उन्हें विश्वविद्यालय के वातावरण में सहज बनाना था।
दिनभर चली गतिविधियों के दौरान विद्यार्थियों ने संकाय सदस्यों और अपने नए सहपाठियों के साथ संवाद किया। देश के अलग-अलग राज्यों से आए विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं और प्राकृतिक वातावरण की सराहना की। नए विद्यार्थियों में अपने शैक्षणिक सफर को लेकर उत्साह देखने को मिला।
शाम को विद्यार्थियों के लिए डीजे सत्र का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने संगीत का आनंद लिया और एक-दूसरे से परिचय किया। डीजे सत्र का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को औपचारिक गतिविधियों के बाद मनोरंजन का अवसर देना तथा उन्हें नए परिसर और सहपाठियों के साथ सहज महसूस करवाना था।
शिमला यूनिवर्सिटी (एपीजी) के रजिस्ट्रार डॉ. आरएल शर्मा ने नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थी उच्च शिक्षा ग्रहण करने आए हैं। नए स्थान और वातावरण में विद्यार्थियों को शुरुआत में कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी को सहज, सुरक्षित और सहयोगपूर्ण वातावरण प्रदान किया जाए।
डॉ. शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के साथ-साथ छात्रावास, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके सर्वांगीण विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि ओरिएंटेशन कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं से परिचित करवाना नहीं, बल्कि उन्हें नए वातावरण में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना भी है। संकाय सदस्य और विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों को उनकी पूरी शैक्षणिक यात्रा के दौरान आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करेंगे।
डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों से अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ अपनी शिक्षा शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विश्वविद्यालय में उपलब्ध संसाधनों और अवसरों का पूरा लाभ उठाएं तथा अपने ज्ञान, कौशल और व्यक्तित्व के विकास पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनके नए शैक्षणिक सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।



