ब्रेकिंग-न्यूज़विशेष

ग्रामीण महिला उद्यमियों को बाजार से जोड़ने की पहल, शूलिनी विश्वविद्यालय में ‘प्रेरणा दिवस’ पर प्रोजेक्ट प्रगति का शुभारंभ

शूलिनी विश्वविद्यालय ने ग्रामीण महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए प्रमुख पहलों के साथ प्रेरणा दिवस मनाया

WhatsApp Image 2026-02-05 at 5.59.45 PM

सोलन, 18 फरवरी
शूलिनी विश्वविद्यालय ने कुलाधिपति प्रो. पी. के. खोसला के जन्मदिन के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले प्रेरणा दिवस का आयोजन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी सदस्य कृतज्ञता, प्रेरणा और उत्कृष्टता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति नवप्रवर्तित प्रतिबद्धता की भावना से एकजुट हुए।
समारोह का शुभारंभ विश्वविद्यालय मंदिर में हवन के साथ हुआ, जिसके बाद वृंदावन उद्यान में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जो सतत विकास और पर्यावरण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
दिन का  प्रमुख आकर्षण रतन टाटा गैलरी, टैगोर सेमिनार हॉल और पहल फाउंडेशन कियोस्क सहित महत्वपूर्ण सुविधाओं का उद्घाटन था। ये पहलें नवाचार, सामाजिक प्रभाव और अनुभवात्मक शिक्षा पर विश्वविद्यालय के निरंतर ध्यान को दर्शाती हैं।
कुलाधिपति प्रो. पी. के. खोसला ने एसआईएलबी की अध्यक्ष और उनकी धर्म पत्नी  श्रीमती सरोज खोसला के साथ मिलकर शूलिनी पहल फाउंडेशन के सहयोग से सेंटर फॉर लीडरशिप कोचिंग की एक पहल, प्रोजेक्ट प्रगति कियोस्क का औपचारिक उद्घाटन किया। यह कियोस्क आसपास के गांवों की ग्रामीण महिला उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करता है, जिसमें स्थानीय रूप से उत्पादित मसाले और मूल्यवर्धित वस्तुएं शामिल हैं, जिससे उन्हें व्यापक बाजारों से जुड़ने में मदद मिलती है।
प्रो-चांसलर  विशाल आनंद ने आशावाद और सकारात्मकता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रो पी  के खोसला ने हमेशा यह दिखाया है कि सार्थक सफलता के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण और आंतरिक प्रसन्नता आवश्यक हैं।
शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अतुल खोसला ने प्रो. पी. के. खोसला को एक प्रेरक नेता और मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि प्रो. खोसला में लोगों को एकजुट करने और मजबूत संबंध बनाने की अनूठी क्षमता है। उन्होंने आगे कहा कि सच्ची सफलता केवल उपलब्धियों में ही नहीं, बल्कि मूल्यों, ईमानदारी और विनम्रता के सिद्धांतों में दृढ़ रहने में भी निहित है, जो शूलिनी विश्वविद्यालय का निरंतर मार्गदर्शन करते हैं।
सभा को संबोधित करते हुए।
 शूलिनी विश्वविद्यालय के विपणन और नवाचार निदेशक प्रो. आशीष खोसला ने कहा, “प्रेरणा दिवस हमें याद दिलाता है कि कुछ भी असंभव नहीं है। यह सबसे मूल्यवान सबक है जो हमने अपने कुलाधिपति प्रो. पी. के. खोसला से सीखा है। उनकी दूरदृष्टि, दृढ़ संकल्प और लचीलेपन ने शूलिनी विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता के संस्थान के रूप में आकार दिया है और हमें और अधिक ऊंचाइयों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।”
सेंटर फॉर लीडरशिप कोचिंग की एसोसिएट डायरेक्टर और हेड,  पायल जिंदल खन्ना ने कहा कि प्रोजेक्ट प्रगति का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को लाभार्थी होने से स्वतंत्र उद्यमी बनने में सक्षम बनाना है। उन्होंने कृषि विभाग और खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन के लिए भी आभार व्यक्त किया, जिनका नेतृत्व क्रमशः डॉ. सोमेश शर्मा और डॉ. दिनेश कुमार  कर रहे हैं। शूलिनी पहल फाउंडेशन के राहुल बहादुर और इस पहल में शामिल स्वयंसेवकों के योगदान को भी सराहा गया।
शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर विशाल आनंद ने आगामी चरण में इस पहल को 100 गांवों तक विस्तारित करने का अपना दृष्टिकोण साझा किया, ताकि व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा सके, बाजार तक पहुंच में सुधार किया जा सके और ग्रामीण उद्यम विकास के लिए एक स्थायी मॉडल का निर्माण किया जा सके।
इस समारोह में युवराज स्टेडियम में चांसलर इलेवन और रजिस्ट्रार इलेवन के बीच पारंपरिक क्रिकेट मैच भी शामिल था, जिसमें चांसलर इलेवन विजयी रही। दिन का समापन ओपन एयर थिएटर में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसमें छात्रों की प्रतिभा का प्रदर्शन किया गया, इसके बाद एक पारंपरिक धाम का आयोजन किया गया, जिसने पूरे परिसर में एकता और उत्सव की भावना को और मजबूत किया।
Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close