DPS शिमला में नन्हीं प्रतिभाओं का कमाल, कविता पाठ से जीता सबका दिल

DPS शिमला में नन्हीं प्रतिभाओं का कमाल, कविता पाठ से जीता सबका दिल
डीपीएस शिमला में ‘एलोक्वेंस’ अंतर-विद्यालयी कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन, नन्हीं प्रतिभाओं ने शब्दों को दी सशक्त अभिव्यक्ति

दिल्ली पब्लिक स्कूल, शिमला में ‘एलोक्वेंस – व्हेयर वर्ड्स फाइंड देयर वॉयस’ शीर्षक से अंतर-विद्यालयी कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस साहित्यिक आयोजन में नर्सरी से कक्षा छठी तक के विद्यार्थियों ने अपनी सृजनात्मकता, आत्मविश्वास और प्रभावशाली अभिव्यक्ति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता एवं कथाकार विवेक मोहन शर्मा; बिशप कॉटन स्कूल की वरिष्ठ शिक्षिका एवं कैम्ब्रिज शिक्षाविद् प्रतिमा विल्सन, तथा कैम्ब्रिज शिक्षाविद्, इतिहासकार अस्शूर विल्सन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय की प्रधानाचार्या वीना चौहान ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने देशभक्ति, करुणा, हास्य, कल्पनाशीलता, शांति, अनुशासन तथा मानवीय मूल्यों जैसे विविध विषयों पर प्रभावशाली कविता पाठ प्रस्तुत किए। उनकी स्पष्ट उच्चारण शैली, आत्मविश्वासपूर्ण मंच प्रस्तुति और साहित्य के प्रति गहरी समझ ने कार्यक्रम को कविता और सृजनात्मक अभिव्यक्ति का यादगार उत्सव बना दिया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उन्हें भाषा की शक्ति का सकारात्मक उपयोग करने, रचनात्मक सोच विकसित करने, प्रभावी संवाद स्थापित करने तथा समाज में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण प्राथमिक वर्ग के अभिभावकों के लिए आयोजित संवादात्मक सत्र रहा, जिसका संचालन प्रख्यात मनोवैज्ञानिक डॉ. शालिनी धड़वाल ने किया। उन्होंने सकारात्मक अभिभावकत्व, प्रभावी संवाद और बच्चों के भावनात्मक स्वास्थ्य पर अपने विचार साझा करते हुए अभिभावकों को बच्चों के समग्र विकास हेतु व्यवहारिक एवं उपयोगी सुझाव प्रदान किए।
कार्यक्रम का सफल आयोजन विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के सामूहिक सहयोग और समर्पण का परिणाम रहा। प्रधानाचार्या वीना चौहान के दूरदर्शी नेतृत्व में दिल्ली पब्लिक स्कूल, शिमला निरंतर ऐसे सृजनात्मक मंच उपलब्ध करा रहा है, जो विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी वक्ता, संवेदनशील नागरिक, तार्किक चिंतक और भविष्य के सक्षम नेतृत्वकर्ता बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
‘एलोक्वेंस’ ने एक बार फिर विद्यालय की इस सोच को सशक्त किया कि जब बच्चों को आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने का अवसर मिलता है, तो उनके शब्द सीखने, नेतृत्व करने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रभावशाली शक्ति बन जाते हैं।



