शिक्षा

चिंता : स्टाफ की कमी से संकट में नेरी नगर स्कूल, 54 में से 40 छात्र ही बचे

नेरी नगर स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी, 7 पद खाली, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित

WhatsApp Image 2026-04-14 at 3.51.44 PM

*नेरी नगर स्कूल में चार प्रवक्ता समेत टीजीटी आर्ट्स,पी ई टी एवं वरिष्ठ सहायक के पद खाली पढ़ाई प्रभावित कुछ छात्रों ने ली दूसरे स्कूल में एडमिशन*

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM

 

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नेरी नगर में छात्रों को शिक्षकों की कमी खल रही है

No Slide Found In Slider.

स्कूल प्रवक्ता अंग्रेजी,राजनीतिक शास्त्र, इतिहास एवं कंप्यूटर साइंस के साथ टीजीटी आर्ट्स पी ई टी एवं वरिष्ठ सहायक का पद खाली है शिक्षक न होने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है लिहाजा कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों के एडमिशन इस सत्र 2026-2027 के लिए दूसरे स्कूल में करा ली है जबकि बाकी परिजन शिक्षकों की नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। 54 छात्रों के इस स्कूल में अब 40 छात्र ही रह गए हैं। अन्य छात्रों ने दूसरे स्कूल में जाकर पढ़ाई शुरू कर दी है। एस एम सी की प्रधान लीला देवी समेत अन्य अभिभावक सुरेश, नरेश,वेद प्रकाश,संजीव, सुरेंदरा,अंजू,नीलम,बालक राम,सूरत राम और स्थानीय लोगों ने बताया कि नेरी नगर स्कूल में प्रधानाचार्य समेत अध्यापकों एवं नॉन टीचिंग स्टाफ के कुल 17 पद स्वीकृत हैं जिसमें से 7 पद खाली पड़े हुए हैं जिससे छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। परिजनों का कहना है कि स्कूल में चार पद प्रवक्ता के एक पद टीजीटी आर्ट्स एक पद पी ई टी और एक पद वरिष्ठ सहायक का पिछले लगभग तीन वर्ष से खाली चल रहे हैं। यह सभी जरूरी विषय है और इन्हें पढ़ने के लिए सब्जेक्ट एक्सपर्ट का होना जरूरी है। साथ में ज़रूरी पद वरिष्ठ सहायक का रिक्त होने से इस पाठशाला के दो अध्यापक प्रवक्ता हिंदी एवं टी जी टी संस्कृत इस कार्य को अमलीजामा पहना रहे हैं जिससे इन दोनों अध्यापकों के पाठशाला में होते हुए भी इन दोनों के विषय की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल में स्टाफ की कमी की वजह से बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही है। लेकिन शिक्षा विभाग को इसके बारे में पिछले तीन वर्ष में लगभग 9 बार एस एम सी ने ज्ञापन भी दिया लेकिन शिक्षा विभाग ने आज दिन तक इसकी कोई सुध नहीं ली है। अभिभावकों ने 28 फरवरी 2026 को हुए पाठशाला में शिक्षा संवाद में एकजुटता के साथ यह निर्णय लिया कि अगर इस शैक्षणिक सत्र 2026-27 में खाली चले पदों पर शिक्षकों एवं वरिष्ठ सहायक की तैनाती पाठशाला में नहीं की जाती है तो सभी अभिभावक मिलकर 18 मार्च 2026 से शुरू होने जा रहे विधानसभा सत्र में विधानसभा का घेराव करेंगे और अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close