पर्यावरण

हिमालय की वादियों से गूंजा प्रकृति संरक्षण का संदेश, रकछम के युवाओं ने छेड़ी प्लास्टिक के खिलाफ मुहिम

वन विभाग के सहयोग से शिव सेवा युवक मंडल का सराहनीय अभियान, घर-घर जाकर पर्यावरण संरक्षण का जगाया अलख

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प्रकृति के प्रति समर्पण, सामाजिक जिम्मेदारी और युवा शक्ति का अद्भुत संगम रविवार को रकछम में देखने को मिला। हिमालय की मनोरम वादियों के बीच बसे इस सुंदर गांव में शिव सेवा युवक मंडल, रकछम ने वन विभाग हिमाचल प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में ‘प्लास्टिक उन्मूलन अभियान’ चलाकर स्वच्छ और हरित पर्यावरण का सशक्त संदेश दिया। अभियान की थीम “Live for Nature, Not for Drugs” रही।

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सुबह से शुरू हुए इस अभियान में युवक मंडल के सदस्यों ने मस्तरंग, पुटुंग, खेरमा, खरोगला, शेरिंग तथा रकछम वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों पर बिखरे प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट को एकत्र कर सफाई की। साथ ही गांव के प्रत्येक घर तक पहुंचकर लोगों को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से अवगत कराया और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।हिमालय की वादियों से गूंजा प्रकृति संरक्षण का संदेश, रकछम के युवाओं ने छेड़ी प्लास्टिक के खिलाफ मुहिम

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युवक मंडल के प्रधान नीरज ने कहा कि प्रकृति मानव जीवन का आधार है और इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि रकछम केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि किन्नौर की प्राकृतिक धरोहर है। इसकी स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने पर्यटकों से भी अपील की कि वे अपने साथ लाए गए प्लास्टिक एवं अन्य कचरे का उचित निस्तारण करें और इस पावन धरा को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग दें।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिव सेवा युवक मंडल भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण, वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा तथा जनजागरूकता से जुड़े अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेता रहेगा। युवाओं का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणा बनेगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करेगा।

इस अभियान में वन खंड अधिकारी संतोष कुमार ठाकुर, युवक मंडल के उपप्रधान अनीश नेगी, कोषाध्यक्ष अंसुल, सचिव अमन सहित 25 से अधिक युवा सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इनमें नीतीश, सुमित, निशांत, प्रशांत, ऋत्विक, राहुल, हर्षवर्धन, विक्रांत, मोंटी, सागर, तुषार, मयंक, अर्पित, शिवम, नितिन, करण, मनीष तथा अन्य सदस्य शामिल रहे।

रकछम के युवाओं की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि जब समाज का युवा वर्ग प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेता है, तो स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जनआंदोलन बन जाती है।

Deepika Sharma

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