जान जोखिम में, फिर भी पदोन्नति नहीं; तकनीकी कर्मचारियों का फूटा गुस्सा

तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति में हो रही अनावश्यक देरी पर संघ ने जताया कड़ा विरोध
शिमला।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेशध्यक्ष रणवीर ठाकुर एवं प्रदेश महासचिव चमन शर्मा ने बोर्ड प्रबंधन के समक्ष तकनीकी कर्मचारियों की लंबित पदोन्नति का मुद्दा गंभीरता से उठाते हुए कहा है कि फील्ड में कार्यरत तकनीकी कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर दिन-रात, आंधी-तूफान तथा अन्य विषम परिस्थितियों में भी प्रदेश के उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि इन्हीं कर्मचारियों की पदोन्नति से संबंधित फाइलें पिछले लगभग तीन महीनों से बोर्ड मुख्यालय में लंबित पड़ी हैं।
संघ ने कहा कि एक ओर फील्ड के तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति की फाइलें धूल फांक रही हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यालय एवं कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदोन्नतियां बिना किसी विलंब के जारी की जा रही हैं। अंडर सेक्रेटरी से डिप्टी सेक्रेटरी तथा सुपरिटेंडेंट से सेक्शन ऑफिसर जैसे पदों पर पदोन्नति आदेश तत्काल प्रभाव से जारी होना, जबकि तकनीकी कर्मचारियों की फाइलें लंबित रहना, बोर्ड प्रबंधन के दोहरे एवं पक्षपातपूर्ण रवैये को दर्शाता है।
संघ का कहना है कि यह भेदभावपूर्ण नीति फील्ड में कार्यरत तकनीकी कर्मचारियों के मनोबल को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। जो कर्मचारी हर परिस्थिति में विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का दायित्व निभा रहे हैं, उन्हें उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित रखना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।
तकनीकी कर्मचारी संघ इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री महोदय से आग्रह करता है कि वे इस गंभीर विषय में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए बोर्ड प्रबंधन को आवश्यक एवं स्पष्ट निर्देश जारी करें, ताकि तकनीकी कर्मचारियों की लंबित पदोन्नति फाइलों का शीघ्र अनुमोदन कर उन्हें उनके अधिकारानुसार पदोन्नति का लाभ बिना किसी और विलंब के प्रदान किया जा सके।
संघ ने बोर्ड प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति के आदेश जारी नहीं किए गए, तो प्रदेशभर के तकनीकी कर्मचारी बोर्ड मुख्यालय शिमला में एकत्रित होकर बोर्ड प्रबंधक वर्ग के समक्ष अपना लोकतांत्रिक विरोध दर्ज करेंगे। इसके उपरांत कर्मचारी माननीय मुख्यमंत्री महोदय से व्यक्तिगत रूप से मिलकर बोर्ड प्रबंधन के सौतेले एवं भेदभावपूर्ण रवैये से अवगत कराते हुए न्याय की मांग करेंगे।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि इसके बावजूद भी तकनीकी कर्मचारियों को न्याय नहीं मिला, तो संगठन ट्रेड यूनियन नियमानुसार कार्यक्रम शुरू करने के लिए बाध्य होगा। ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले सभी परिणामों की पूर्ण जिम्मेदारी बोर्ड प्रबंधन की होगी।
जारीकर्ता
पवन परमार
प्रदेश उपमहासचिव
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ




