पेंशनरों को फिर झटका! 2016-2022 के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के एरियर पर नहीं बनी बात
पेंशनरों के साथ फिर हुआ छलावा? 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों के एरियर पर सरकार मौन
हिमाचल प्रदेश वित्त (पेंशन) विभाग द्वारा 22 जून 2026 को जारी अधिसूचना में 1 जनवरी 2016 से पूर्व सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों के लंबित एरियर का भुगतान जुलाई 2026 में करने की बात कही गई है। हालांकि इस अधिसूचना के बाद प्रदेश के उन हजारों पेंशनरों में निराशा है जो 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं और जिनके पेंशन संशोधन के एरियर अभी भी लंबित हैं।
पेंशनर संगठनों का कहना है कि वे लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी उनके बकाया एरियर का भुगतान किया जाए। उनका आरोप है कि सरकार और वित्त विभाग बार-बार ऐसी अधिसूचनाएं जारी कर रहे हैं जिनमें इस वर्ग की उपेक्षा की जा रही है।
पेंशनरों का कहना है कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वित्त विभाग के साथ हुई बैठक के बाद सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि 65 वर्ष से अधिक और 70 वर्ष तक की आयु के पेंशनरों के एरियर का भुगतान जुलाई 2026 में किया जाएगा। लेकिन ताजा अधिसूचना में इस संबंध में कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे पेंशनरों में भ्रम और असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
पूर्व अध्यक्ष का बयान
हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जीवानंद चौहान ने कहा कि वित्त विभाग की यह अधिसूचना पेंशनरों की वास्तविक मांगों को नजरअंदाज करती है। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों और पारिवारिक पेंशनरों का एरियर भी लंबे समय से लंबित है, लेकिन सरकार इस विषय पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं ले रही है।
डॉ. चौहान ने कहा, “मुख्यमंत्री द्वारा 65 से 70 वर्ष आयु वर्ग के पेंशनरों के एरियर भुगतान की घोषणा के बावजूद वित्त विभाग की अधिसूचना में उसका कोई स्पष्ट प्रावधान दिखाई नहीं देता। इससे यह प्रतीत होता है कि पेंशनरों की जायज मांगों को फिर टालने का प्रयास किया गया है। प्रदेश के लाखों पेंशनरों और उनके परिवारों को बार-बार आश्वासन देकर निराश किया जा रहा है।”
उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी लंबित पेंशन एरियर का स्पष्ट समयबद्ध कार्यक्रम जारी किया जाए ताकि पेंशनरों और उनके आश्रितों को राहत मिल सके।


