पर्यावरण

रकछम-छितकुल अभयारण्य में पर्यटकों से लिया जाएगा ईको-टूरिज्म शुल्क, पंचायतों ने दी मंजूरी

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 रकछम-छितकुल वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में सतत एवं सामुदायिक आधारित ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इको टूरिज्म सोसाइटी की एक्सिक्यूटिव कमेटी की पहली महत्वपूर्ण बैठक रकछम में आयोजित की गई। बैठक में सांगला घाटी की छितकुल, रकछम और बटसेरी पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों, युवक मंडलों, महिला मंडलों तथा स्थानीय बुद्धिजीवियों ने भाग लिया।

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बैठक की अध्यक्षता उप अरण्यपाल (वन्यजीव) सराहन अशोक कुमार नेगी (आईएफएस) ने की। इस अवसर पर वन्यजीव परिक्षेत्र अधिकारी रूप सिंह, वन खंड अधिकारी गोपाल नेगी, संतोष कुमार ठाकुर सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान क्षेत्र में जिम्मेदार और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। अध्यक्ष अशोक नेगी ने कहा कि रकछम-छितकुल वन्यजीव अभयारण्य अपनी समृद्ध जैव विविधता, प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संपदा के कारण विशेष पहचान रखता है। ऐसे में बढ़ते पर्यटन दबाव के बीच पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देना आवश्यक है।

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बैठक में सामूहिक रूप से निर्णय लिया गया कि भविष्य में अभयारण्य क्षेत्र में आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों से ईको-टूरिज्म शुल्क लिया जाएगा। इसके लिए रकछम, छितकुल और बटसेरी में प्रवेश बिंदुओं पर बैरियर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया।

अशोक नेगी ने बताया कि ईको-टूरिज्म सोसाइटी के माध्यम से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग क्षेत्र की स्वच्छता, पर्यटक सुविधाओं के विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय स्तर पर ईको-पर्यटन गतिविधियों को सुदृढ़ करने के लिए किया जाएगा।

बैठक में शामिल पंचायत प्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण और सतत विकास के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम के अंत में वन खंड अधिकारी संतोष कुमार ठाकुर ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि स्थानीय पंचायतें, वन्यजीव विभाग और स्थानीय समुदाय मिलकर सांगला घाटी की प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए एक आदर्श एवं सतत पर्यटन मॉडल विकसित करेंगे।

Deepika Sharma

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