30 से अधिक उद्यमियों ने जानी डिजिटल साक्षरता और जेम पोर्टल कीबारीकियां

स्वारघाट, 5 जून 2026
उद्योग विभाग द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालयके रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (रैम्प) कार्यक्रम केअंतर्गत आज बिलासपुर स्थित सरकारी विश्राम गृह, स्वारघाट में एकदिवसीय जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।कार्यशाला का उद्देश्य एमएसएमई एवं स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी)की डिजिटल साक्षरता बढ़ाना, वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करना तथागवर्नमेंट ई–मार्केटप्लेस (जेम) के माध्यम से सरकारी खरीद प्रक्रिया मेंउनकी भागीदारी को बढ़ाना था।
कार्यशाला में 30 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमेंस्थानीय एसएचजी की महिला सदस्य तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमी शामिलरहे। कार्यक्रम को दो चरणों में आयोजित किया गया।
डिजिटल साक्षरता एवं वित्तीय प्रबंधन
कार्यशाला के पहले सत्र में प्रतिभागियों को डिजिटल युग में व्यवसायसंचालन की मूलभूत जानकारियां दी गईं। प्रशिक्षकों ने बताया कि सोशलमीडिया, व्हाट्सऐप बिजनेस, डिजिटल भुगतान एवं ऑनलाइन विपणनउपकरणों का उपयोग कर छोटे उद्यमी किस प्रकार कम लागत में अपनेउत्पादों की पहुंच बढ़ा सकते हैं। साथ ही वित्तीय प्रबंधन पर विशेष जोरदेते हुए बजट बनाने, नकदी प्रवाह प्रबंधन, बैंकिंग सुविधाओं के उपयोगतथा सरकारी ऋण योजनाओं की जानकारी साझा की गई। प्रतिभागियोंको वित्तीय अभिलेख रखने एवं डिजिटल लेन–देन अपनाने के व्यावहारिकसुझाव भी दिए गए।
जेम सीपीपी पर जागरूकता एवं पंजीकरण
दूसरे चरण में गवर्नमेंट ई–मार्केटप्लेस (जेम) पोर्टल के सीपीपी मॉड्यूलपर विस्तृत जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने समझायाकि जेम के माध्यम से एमएसएमई, एसएचजी एवं नव उद्यम (स्टार्टअप)सीधे सरकारी विभागों को उत्पाद एवं सेवाएं बेच सकते हैं। इससे न केवलपारदर्शी एवं त्वरित भुगतान मिलता है, बल्कि भौगोलिक सीमाओं से परेपूरे देश में बाजार उपलब्ध होता है।
सत्र के अंत में तत्काल जेम पंजीकरण एवं पोर्टल से जोड़ने (ऑनबोर्डिंग) की प्रक्रिया भी करवाई गई। कई महिला उद्यमियों एवं एसएचजी सदस्योंने मौके पर ही अपना प्रोफाइल बनाकर विक्रेता के रूप में पंजीकरणकराया। विभाग के अधिकारियों ने पंजीकरण में आ रही तकनीकीदिक्कतों का समाधान भी किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए विभागीय अधिकारियों ने कहा कि रैम्पकार्यक्रम के तहत ऐसी क्षेत्रीय कार्यशालाएं ग्रामीण एवं छोटे उद्यमियों कोमुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। डिजिटलसाक्षरता और जेम जैसी सरकारी ई–खरीद प्रणाली से जुड़कर स्थानीयउत्पाद अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगीबताया और कहा कि इससे उन्हें अपने व्यवसाय को डिजिटल रूप सेबढ़ाने तथा सरकारी खरीद में भाग लेने का स्पष्ट मार्गदर्शन मिला है।
उद्योग विभाग ने विश्वास जताया कि बिलासपुर की महिला उद्यमी एवंएसएचजी इस प्रशिक्षण का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से और सशक्तहोंगी, जिससे जिले में एमएसएमई क्षेत्र के सतत विकास को नई गतिमिलेगी।



