अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 में हिंदी, पहाड़ी और गज़ल गोष्ठियों का आयोजन
100 से अधिक लेखक लेंगे भाग : हिमालय साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच ने जताया जिलाधीश अनुपम कश्यप का आभार

हिमालय साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच के अध्यक्ष एवं प्रख्यात लेखक एस आर हरनोट ने अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव- 2026 में हिंदी और पहाड़ी कवि गोष्ठियां के साथ गज़ल गोष्ठी के प्रस्तावित कार्यक्रमों के लिए जिलाधीश अनुपम कश्यप और अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव समिति का हिमाचल के लेखकों की तरफ से आभार जताया है। ये आयोजन “श्यामला कवि सम्मेलन” और “श्यामला मुशायरा” के नाम से हो रहे हैं जिसमें स्थानीय लेखकों के साथ हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों से 100 से अधिक लेखक भाग लेंगे।

एस आर हरनोट ने अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव समिति के सौजन्य से जानकारी दी कि 8 जून को हिंदी कवि सम्मेलन के प्रातः सत्र में 30 और अपरान्ह सत्र में 35 कवि भाग लेंगे। जबकि 9 जून, 2026 को आयोजित पूरे दिन चलने वाली पहाड़ी कवि गोष्ठी में तीस से अधिक पहाड़ी कवि भाग लेंगे। 10 जून दोपहर बाद ग़ज़ल गोष्ठी (श्यामला मुशायरा) होगा जिसमें हिमाचल के विभिन्न स्थानों से लगभग बीस उर्दू गज़लकार शिरकत करेंगे। शिमला अंतर्राष्ट्रीय ग्रीष्मोत्सव के इतिहास में यह पहली बार है जब इतने रचनाकारों को एक साथ मंच और सम्मान दिया जा रहा है। निसंदेह यह पहल और परिकल्पना साहित्य अनुरागी और कुशल प्रशासक जिलाधीश श्री अनुपम कश्यप जी की रही है जिसने लिए एस आर हरनोट ने उनका हृदय से आभार व्यक्त किया है।
हरनोट ने सभी आमंत्रित लेखकों से निवेदन किया है कि वे इस पहल का स्वागत करे। हालांकि यह स्वाभाविक है कि किसी आयोजन में किसी प्रदेश के समस्त रचनाकारों को एक साथ आमंत्रित करना मुश्किल होता है फिर भी सौ से अधिक लेखकों को बुलाना किसी बड़े साहित्य उत्सव से कम नहीं है। जिला प्रशासन के सौजन्य से शीघ्र ही कहानी संवाद का भी आयोजन किया जाएगा और बच्चों के लिए भी। उन्होंने हिमाचल के हर जिला प्रशासन से प्रत्येक मेलों, त्यौहारों और उत्सवों में साहित्य संवाद और इस तरह की गोष्ठियां आयोजित करने की अपील की है ताकि हर लेखक की भागीदारी सुनिश्चित हो पाए। हरनोट ने जिला प्रशासन को आश्वासन दिया है कि उनका हिमालय मंच इन कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए हर संभव सहयोग करेगा।



