संस्कृति

शिमला बनेगा राष्ट्रीय कला-संगीत महाकुंभ का केंद्र

राजभाषा एवं संस्कृति विभाग, हिमाचल प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक समन्वय से सजेगा अखिल भारतीय “रंग तरंग” राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव  2026

WhatsApp Image 2026-04-14 at 3.51.44 PM

भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोकसंस्कृति, कला, संगीत और साहित्य को राष्ट्रीय स्तर पर एक सूत्र में पिरोने की दिशा में राजभाषा एवं संस्कृति विभाग, हिमाचल प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ के मध्य एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक समन्वय स्थापित हुआ है। इसी सांस्कृतिक सहयोग एवं कल्चरल एक्सचेंज की भावना को साकार करते हुए आगामी 29 एवं 30 मई 2026 को हिमाचल प्रदेश की सुरम्य वादियों में स्थित ऐतिहासिक गेयटी थिएटर, शिमला में अखिल भारतीय “रंग तरंग” नृत्य, गायन एवं वादन प्रतियोगिता 2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है।

WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.10 PM
WhatsApp Image 2026-05-07 at 3.50.21 PM
WhatsApp Image 2026-05-14 at 5.38.45 PM

राजभाषा एवं संस्कृति विभाग, हिमाचल प्रदेश के विशेष सहयोग से “गीता आर्ट्स, एक्ट एंड नृत्य एसोसिएशन (गाना)” तथा “रवींद्र निकेतन कालीबाड़ी, हुडको, भिलाई (छत्तीसगढ़)” द्वारा आयोजित यह राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव कला, संगीत, साहित्य और लोकसंस्कृति के अद्भुत संगम का प्रतीक बनेगा।

शिमला के ऐतिहासिक गेयटी हॉल में आयोजित होने जा रही यह अखिल भारतीय नृत्य एवं संगीत प्रतियोगिता सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। हिमाचल प्रदेश सरकार के राजभाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा सांस्कृतिक सेतु निर्माण की इस विशेष पहल की कला-साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ (कवच) ने भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि आगामी वर्षों में यह योजना बाल एवं युवा कलाकारों के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच सिद्ध होगी तथा उन्हें अपनी प्रतिभा को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगी।

यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता के विविध रंगों को एक मंच पर साकार करने का सशक्त प्रयास है, जिसमें देशभर से प्रतिभाशाली कलाकार अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को जीवंत करेंगे।

WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM
WhatsApp Image 2026-05-18 at 5.53.59 PM (1)

कार्यक्रम में नृत्य, गायन एवं वादन की विभिन्न विधाओं में प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा। शास्त्रीय, लोक एवं आधुनिक कलाओं की रंग-बिरंगी छटा से सुसज्जित यह आयोजन कला प्रेमियों, साहित्यकारों, सांस्कृतिक साधकों एवं पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता, देव संस्कृति, लोकनृत्य और साहित्यिक परंपराओं के लिए देशभर में विख्यात है, वहीं छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध आदिवासी लोकसंस्कृति, पंथी, राउत नाचा, सुवा नृत्य, लोकगीत एवं जनजातीय कलाओं के लिए विशेष पहचान रखता है। दोनों राज्यों के मध्य यह सांस्कृतिक सहभागिता भारतीय एकता एवं विविधता की सजीव मिसाल प्रस्तुत करेगी।

इस राष्ट्रीय महोत्सव का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि कलाकारों, साहित्यकारों, संगीतज्ञों और सांस्कृतिक संस्थाओं के बीच संवाद, सहयोग एवं रचनात्मक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना भी है। कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय लोकसंस्कृति, सांस्कृतिक पर्यटन एवं कला-साहित्य को नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम को हिमाचल प्रदेश भाषा एवं संस्कृति विभाग (LAC) तथा कला साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ (कवच) का विशेष सहयोग प्राप्त है।

कार्यक्रम के दौरान स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इच्छुक प्रतिभागी एवं कला प्रेमी अधिक जानकारी हेतु निम्न संपर्क सूत्रों पर संपर्क कर सकते हैं-
पी.पी. बिस्वास
094063-81965,
079879-65350
आयोजकों ने देशभर के कलाकारों, साहित्यकारों, संगीत प्रेमियों एवं सांस्कृतिक संस्थाओं से इस राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव में सहभागिता का आह्वान किया है।

आयोजकों ने सभी कला प्रेमियों से आग्रह किया है कि वे संगीत, नृत्य और कला की सुरमयी तरंगों से सजे इस विराट सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बनें तथा भारतीय संस्कृति, लोकपरंपराओं और राष्ट्रीय एकता के रंगों को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने में सहभागी बनें।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close