शाबाश: आईजीएमसी ने रचा इतिहास, रोबोटिक तकनीक से बड़ी आंत के कैंसर की पहली सफल सर्जरी
प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में नई उम्मीद, डॉक्टरों की टीम ने पांच घंटे में किया जटिल ऑपरेशन सफल
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला ने चिकित्सा जगत में एक नया इतिहास रचते हुए पहली बार रोबोटिक तकनीक से बड़ी आंत (रेक्टम) के कैंसर की सफल सर्जरी कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। अत्याधुनिक तकनीक और डॉक्टरों की कुशल टीम के समर्पण से यह जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिससे मरीज को नया जीवन मिला है।

जानकारी के अनुसार नेपाल मूल का एक मरीज दो माह पहले आंत में गंभीर समस्या की शिकायत लेकर आईजीएमसी पहुंचा था। जांच के दौरान मरीज को बड़ी आंत के कैंसर से पीड़ित पाया गया। चुनौतीपूर्ण स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने रोबोटिक सर्जरी का निर्णय लिया। करीब पांच घंटे तक चले इस ऑपरेशन को आईजीएमसी की विशेषज्ञ टीम ने बिना किसी बाहरी सहायता के सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
डॉक्टरों ने बताया कि सामान्य सर्जरी में कई बार मरीज की पूरी आंत और मल त्याग का प्राकृतिक रास्ता प्रभावित हो जाता है, लेकिन रोबोटिक तकनीक की सहायता से केवल कैंसर प्रभावित हिस्से को अत्यंत सटीकता के साथ हटाया गया। साथ ही नसों और आंत के आवश्यक हिस्से को सुरक्षित रखते हुए दोबारा जोड़ा गया, जिससे मरीज भविष्य में सामान्य जीवन जी सकेगा।
सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. पुनीत महाजन ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी के बाद मरीज तेजी से रिकवर होते हैं और कीमोथेरेपी व रेडिएशन जैसी आगे की उपचार प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मरीज अब पूरी तरह फिट है और सामान्य रूप से भोजन भी कर रहा है।
इस सफल सर्जरी में सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. पुनीत महाजन, डॉ. यशपाल, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. सुभाष, सीनियर रेजिडेंट सर्जरी डॉ. ईशा, डॉ. फाहिमा और डॉ. रूबी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने कहा कि रोबोटिक तकनीक से मरीजों को अब अत्याधुनिक कैंसर उपचार के लिए बाहरी राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। आईजीएमसी की यह सफलता न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है।




