सेंट थॉमस विद्यालय में छात्रों के लिए हुई ”घर का काम सबका काम” नामक वर्कशॉप हुई आयोजित

आज शिमला के सेंट थॉमस विद्यालय में मातृ दिवस के उपलक्ष में फिलिप्स द्वारा विद्यालय के साथ मिलकर छात्रों के लिए एक इंटरैक्टिव वर्कशॉप आयोजित की, जिसका मुख्य विषय ”घर का काम सबका काम”। इस इंटरैक्टिव वर्कशॉप की शुरुआत विद्यालय की प्रधानाचार्या शैरन नंदा ने की।

कंपनी के प्रतिनिधियों ने कक्षा पांचवीं से लेकर बाहरवीं तक के छात्रों व शिक्षकों से ”घर का काम सबका काम नमक शीर्षक पर बातचीत” की और घरेलु कामों में छात्रों की दिलचस्पी किस प्रकार है वह भी जाना। इस संवाद सत्र में छात्रों व शिक्षकों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया तथा उन्होंने यह भी जाना की घर में केवल काम नहीं वह हमारे ज़िम्मेवारी भी होती है।
इस पहल का उद्देश्य स्कूलों को उन महत्वपूर्ण जगहों के तौर पर पहचाना जहाँ ज़िम्मेदारी, लैंगिक भूमिकाओं और रोज़मर्रा के व्यवहार से जुड़े विचार बचपन में ही बनने लगते हैं। वर्कशॉप में छात्रों को अपने कामों की ज़िम्मेदारी लेने या घरेलू कामों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने का संकल्प लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया; इस कदम ने घर में किए जाने वाले योगदान को सिर्फ़ “मदद” के तौर पर नहीं, बल्कि एक ज़िम्मेदारी के तौर पर पेश किया।
ऐसे समय में जब Mother’s Day के कई अभियान सिर्फ़ प्रतीकात्मक बनकर रह जाते हैं, यह पहल इसलिए सबसे अलग रही क्योंकि इसने उस चरण में व्यवहारिक जागरूकता लाने की कोशिश की जहाँ लोगों की सोच सबसे गहराई से बनती है। इस तरह इस तरह की बातचीत को स्कूलों तक पहुँचाकर, इस अभियान ने यह माना कि सार्थक सामाजिक बदलाव सिर्फ़ जागरूकता से ही नहीं आता, बल्कि उन मूल्यों को रोज़ाना अपने व्यवहार में उतारने से आता है जिन्हें अपनाते हुए बच्चे बड़े होते हैं।



