सरकारी अस्पतालों में पाबंदियों पर मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स ने जताई नाराजगी
अजय शर्मा बने अध्यक्ष, अनिल वालिया सचिव चुने गए

शिमला, 11 मई।
हिमाचल प्रदेश मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन (HPMRA) शिमला इकाई का वार्षिक अधिवेशन आयोजित किया गया। अधिवेशन में दवा प्रतिनिधियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिवेशन को संबोधित करते हुए HPMRA के प्रदेश सचिव जगदीश ठाकुर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ दवा कंपनियों द्वारा भी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में कार्य करने को लेकर लगातार पाबंदियां लगाई जा रही हैं, जिससे दवा प्रतिनिधियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिवेशन में संगठन की नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। इसमें अजय शर्मा को अध्यक्ष, अनिल वालिया को सचिव तथा ललित शर्मा को कोषाध्यक्ष चुना गया।
इस दौरान दवा प्रतिनिधियों की प्रमुख मांगों को लेकर रणनीति तैयार की गई और संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
अधिवेशन में पारित मुख्य प्रस्तावों में काम के समय को सीमित करने, सरकारी अस्पतालों में दवा प्रतिनिधियों के प्रवेश की व्यवस्था सुनिश्चित करने, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स पर हो रहे शोषण को रोकने तथा दवाओं पर ज़ीरो जीएसटी करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।

