एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के त्रिवेणी उत्सव का भव्य समापन, ‘मिनी इंडिया’ की प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन
मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. ममता मोक्टा ने विजेताओं को किया सम्मानित, खेल, संस्कृति और पर्यावरण के संदेश के साथ तीन दिवसीय उत्सव संपन्न

एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के त्रिवेणी उत्सव का भव्य समापन, ‘मिनी इंडिया’ की प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन
एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के त्रिवेणी उत्सव में निखरी मिनी इंडिया की प्रतिभा, राज्य लोक सेवा आयोग की सदस्य प्रो. डॉ. ममता मोक्टा ने प्रतिभागी विद्यार्थियों, खेल प्रतियोगिता के विजेताओं को मेडल और प्रमाणपत्रों से किया सम्मानित
शिमला, मई 1
एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में छात्र कल्याण विभाग की ओर से डॉ. नीलम शर्मा के नेतृत्व में आयोजित तीन दिवसीय त्रिवेणी उत्सव का मेडल की चमक, नाटी की थाप और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ वीरवार को भव्य समापन हुआ। इस त्रिवेणी उत्सव में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं, पर्यावरण संरक्षण और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम मुख्य आकर्षण रहे। त्रिवेणी के तीसरे दिन के सम्मान व समापन समारोह में राज्य लोक सेवा आयोग की सदस्य व हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की पूर्व प्रोफेसर डॉ. ममता मोक्टा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। एपीजी शिमला विश्वविद्यालय की ओर से छात्र कल्याण विभाग की डीन प्रो. डॉ. नीलम शर्मा, प्रो-चांसलर प्रो. डॉ. रमेश चौहान, सलाहकार इंजीनियर सुमन विक्रांत, डीन एकेडमिक्स प्रो. डॉ. आनंदमोहन शर्मा, डीन इंजीनियरिंग प्रो. डॉ. अंकित ठाकुर, परीक्षा नियंत्रक अफजल खान, मीडिया मैनेजर डॉ. विजयश्री, प्रोफेसर स्पोर्ट्स इन चार्ज डॉ. प्यार सिंह, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों ने मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. ममता मोक्टा का विश्वविद्यालय परिसर में पधारने पर पुष्पगुच्छ, हिमाचली टोपी- शॉल भेंट कर स्वागत किया।
प्रो. डॉ. ममता मोक्टा ने दीप प्रज्वलन कर त्रिवेणी सम्मान व समापन समारोह व सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया। प्रो. डॉ. ममता मोक्टा ने विद्यार्थियों, प्रतिभागी खिलाड़ियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि एपीजी शिमला विश्वविद्यालय का ऐसा शिक्षण संस्थान है जहाँ भारत के विभिन्न राज्यों व अन्य देशों के विद्यार्थी एक साथ पढ़ते हैं। यह अपने आप में सभी के लिए एक साझा मंच है। विश्वविद्यालय में लगभग सभी राज्यों से छात्र विभिन्न प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे हैं जो विभिन्न बोलियों, भाषाओं और संस्कृतियों की पृष्ठभूमि से आते हैं और अनेकता में एकता का संदेश देकर एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में मिनी इंडिया की झलक दिखाते हैं। प्रो. डॉ. ममता मोक्टा ने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण विभाग की ओर से आयोजित त्रिवेणी उत्सव की थीम – पर्यावरण, खेल और संस्कृति समाज को तीन महत्वपूर्ण संदेश देती है कि पर्यावरण बचाना हमारा दायित्व है, खेल जीवन, स्वास्थ्य व अनुशासन का अभिन्न अंग है और संस्कृति हमें अपनी जड़ों से जोड़ती है। केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, जीवन की वास्तविकता जीने के लिए व्यावहारिक ज्ञान और कौशल भी जरूरी हैं, जो एपीजी शिमला विश्वविद्यालय इस सुंदर परिसर में नए विचारों व नवाचारों के साथ छात्रों को सिखा रहा है। अपने संबोधन में डॉ. मोक्टा ने कहा कि खेल और संस्कृति दोनों ही विद्यार्थी जीवन के अभिन्न अंग हैं। खेल अनुशासन सिखाता है और संस्कृति हमारी जड़ों से जोड़ती है। डॉ. मोक्टा ने एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा विभिन्न खेलों में दिखाई खेल प्रतिभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और होटल मैनेजमैंट के छात्रों द्वारा तैयार किए गए देश विदेश के स्वादिष्ट व्यंजनों की सराहना की। मुख्य अतिथि डॉ. ममता मोक्टा ने विजेताओं को ट्रॉफी, मेडल व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
छात्र कल्याण विभाग की डीन प्रो. डॉ. नीलम शर्मा ने मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. ममता मोक्टा का विश्वविद्यालय में पधारने और छात्रों, खेल स्पर्धाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने वाले छात्रों और विजेताओं को सम्मानित करने और उन्हें बेहतर नागरिक बनने के लिए प्रेरित करने के लिए हार्दिक धन्यवाद किया। त्रिवेणी उत्सव के सफल आयोजन के लिए डॉ. नीलम शर्मा ने सभी खेल व सांस्कृतिक प्रतिभागियों एवं समन्वयकों, स्वयंसेवकों, विश्वविद्यालय प्रबन्धन का आभार व्यक्त किया। प्रोफेसर स्पोर्ट्स इन चार्ज डॉ. प्यार सिंह, डॉ. विजयश्री, डीन एकेडमिक्स डॉ. आनंदमोहन शर्मा, डॉ. अंकित ठाकुर, प्राध्यापक राजेश कुमार, डॉ. पंकज नेगी, प्राध्यापक सोनाक्षी बंधु, डॉ. मनिंदर कौर, डॉ. रितिका ठाकुर, डॉ. भावना वर्मा और विश्वविद्यालय का गैर शिक्षक स्टाफ, विभिन्न खेलों के रेफरी व कॉर्डिनेटर, मेडिकल टीम को विशेष धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हीं के नेतृत्व और दूरदर्शिता से त्रिवेणी उत्सव का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। डॉ. शर्मा ने कहा कि त्रिवेणी उत्सव ने सिद्ध कर दिया कि हमारे विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ खेल और कला में भी अव्वल हैं।
त्रिवेणी उत्सव के समापन समारोह की मुख्य झलकियां: कबड्डी, बॉक्सिंग, वॉलीबॉल, फुटबॉल, टेबल टेनिस, शतरंज, कैरम, लूडो और फन गेम्स के फाइनल मुकाबले हुए। जूनियर खिलाड़ियों ने कई वर्गों में शानदार प्रदर्शन किया। पहाड़ी नाटी, पहाड़ी गीत, पंजाबी गीत, हरयाणवी गाने, अन्य राज्यों की संस्कृति, गिद्दा, समूह गान, एकल नृत्य और कविता पाठ ने दर्शकों का मन मोह लिया। हिमाचली नाटी पर प्रस्तुति विशेष आकर्षण रही।
रस्साकसी में फैकल्टी स्टाफ महिला व पुरुष वर्ग में ओवरऑल चैंपियन रहा जबकि कबड्डी में पुरुष वर्ग में यांग ब्लड टीम विजेता रही वहीं महिला वर्ग में हॉस्टल की थंडर गर्ल टीम ने महिला फेकल्टी टीम को करारी टक्कर देकर ट्रॉफी अपने नाम की। वहीं वालीबाल में पुरुष वर्ग में रोहडू बॉय टीम ने जीत हासिल की। बॉक्सिंग, टेबल टेनिस, लूडो, कैरम और फन गेम्स में भी प्रतिभागी छात्रों ने अपनी खेल कुशलता दिखाई और फाइनल मुकाबाओं में जीत हासिल की। इस तीन दिवसीय त्रिवेणी उत्सव के दौरान कबड्डी, बॉक्सिंग और रस्साकसी के रोमांचक मुकाबले देखने को मिले क्योंकि खासकर महिला वर्ग में कबड्डी का मुकाबला देखने लायक था जिसमें जूनियर छात्र खिलाड़ियों ने सीनियर फैकल्टी खिलाड़ियों को हरा दिया था, जबकि महिला वर्ग में रस्साकस्सी में फैकल्टी खिलाड़ियों ने जूनियर खिलाड़ियों को हराया।




