कर्मचारियों के साथ ये कैसा न्याय? केंद्र और हिमाचल के डीए में 13% का बड़ा अंतर

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पूर्व प्रांत महामंत्री डॉ. मामराज पुंडीर ने हिमाचल प्रदेश सरकार और अधिकारियों पर कर्मचारियों के वित्तीय लाभों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा:
केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 58% डीए मिल रहा है, जबकि हिमाचल के कर्मचारियों को केवल 45% डीए!
हैरानी की बात है कि एनपीएस और यूपीएस पेंशन धारकों को भी केंद्र के बराबर डीए मिल रहा है, लेकिन हिमाचल प्रदेश के ओल्ड पेंशन धारकों को मात्र 45% डीए दिया जा रहा है।
पुंडीर ने सवाल किया कि आखिर मुख्यमंत्री जी को कौन सा अधिकारी मिसगाइड कर रहा है?
उन्होंने बताया कि कर्मचारियों का 13 प्रतिशत डीए और 1 जुलाई 2022 से बकाया डीए एरियर सरकार के पास लंबित है। डॉ. पुंडीर ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे अधिकारियों से कर्मचारियों को दिए जाने वाले वित्तीय लाभों के सही आंकड़े मांगें और तत्काल ठोस कार्रवाई करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अंतर के कारण आज एक कर्मचारी को हर महीने 12 हजार रुपये से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ रहा है, जो बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है।


