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असर विशेष: वाह री सरकार; स्कूल खाली करके दफ्तर में प्रिंसिपल बिठा दिए बाबू बना के

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हिमाचल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक आदेश तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आरोप लगाया जा रहा है कि जिन प्रधानाचार्यों को विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से पदोन्नत किया गया था, उन्हें विद्यालयों में तैनात करने के बजाय उपनिदेशक कार्यालयों में बैठा दिया गया है।
वायरल संदेशों के साथ यह टिप्पणी भी खूब साझा की जा रही है—“जिसकी चलती, उसकी क्या गलती”, जिसे वर्तमान प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सीधा कटाक्ष माना जा रहा है।

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अब इसे लेकर महकमे में ये सबसुबाहट हो रही है कि हिमाचल प्रदेश सरकार के इन आदेशों से तो ऐसा ही लगता है जिन प्रधानाचार्यो को विद्यार्थियों की गुणात्मक शिक्षा के लिय पदोन्नत किया गया अब उन्हें उपनिदेशक कार्यालय ” में “बाबू ” बना कर बैठा दिया जाना कितना न्यायोचित है। यहां तक कि CBSE के लिय चुने गए विद्यालयों में भी प्रधानाचार्य के पद वर्षो से खाली चल रहे हे इस प्रकार की कार्यप्रणाली ने प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन की दुहाई देने वाली सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया।

चर्चा  ये की जा रही है कि राज्य स्तर के इन प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश जिस प्रकार से जिला स्तर पर सिमट कर रहे गए तथा वर्षों बाद भी दूर दराज के शिक्षण संस्थानों में प्रधानाचार्य के पदों को खाली किया गया इस से लगता हैं कि इन पदों को भी अब जिला स्तरीय वरिष्ठता के आधार पर ही भरा जाना चाहिए ताकि सभी जिलों में प्रधानाचार्य के पद भरे जा सके ।

Deepika Sharma

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