शिक्षा विभाग का सख्त निर्देश: कोर्ट आदेशों के बावजूद लाभ जारी न करने पर होगी कार्रवाई

शिमला, 10 अप्रैल — Directorate of School Education Himachal Pradesh ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि जिन मामलों में “स्पीकिंग ऑर्डर” जारी हो चुके हैं, वहां संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्धारित समय में वित्तीय लाभ (Monetary Benefits) जारी करना अनिवार्य होगा।
जारी पत्र के अनुसार विभाग के संज्ञान में आया है कि कई मामलों में आदेश जारी होने के बावजूद ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर्स (DDOs) द्वारा समय पर लाभ नहीं दिए जा रहे हैं। इस लापरवाही के चलते विभाग को न केवल असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि कई मामलों में न्यायालय द्वारा लागत (Costs) भी लगाई जा रही है।
विभाग ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि निर्धारित अवधि में लाभ जारी नहीं किए गए तो किसी भी प्रतिकूल न्यायालय आदेश की स्थिति में संबंधित DDO, उप निदेशक तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे और उनसे लागत की वसूली की जाएगी।
इसके साथ ही सभी उप निदेशकों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां-जहां स्पीकिंग ऑर्डर जारी हो चुके हैं, वहां दो दिनों के भीतर ‘चार्ज्ड हेड’ के तहत बजट की मांग भेजना सुनिश्चित करें, ताकि भुगतान में कोई देरी न हो।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि संबंधित पत्र विभागीय वेबसाइट पर भी उपलब्ध है और सभी अधिकारियों को इसका कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।



