संस्कृति

अब नहीं खोएगी पुरानी धरोहर! हिमाचल में शुरू हुआ बड़ा मिशन

हिमाचल में ‘ज्ञान भारतम मिशन’ लॉन्च: प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण व डिजिटाइजेशन पर जोर

No Slide Found In Slider.

हिमाचल प्रदेश सरकार के भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग ने ‘ज्ञान भारतम मिशन’ की औपचारिक शुरुआत कर दी है। यह पहल भारत सरकारके संस्कृति मंत्रालय की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य देश की अमूल्य पांडुलिपि धरोहर को खोजने, संरक्षित करने और डिजिटल रूप में सुरक्षित करना है।

No Slide Found In Slider.

इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी जिलों के उपायुक्तों को मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। मिशन के तहत विभिन्न विभागों और हितधारकों के समन्वय से जिला स्तर पर कार्य तेज किया जाएगा।

इस पहल से दुर्लभ और हस्तलिखित ज्ञान संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और इन्हें डिजिटल माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा।

मिशन की प्रमुख विशेषताएं:

No Slide Found In Slider.
  • राज्यभर में सार्वजनिक व निजी संग्रहों में मौजूद पांडुलिपियों का सर्वे
  • 75 वर्ष से अधिक पुरानी पांडुलिपियों का आधुनिक तकनीक (OCR व AI) से डिजिटाइजेशन
  • राज्य व जिला स्तर पर समितियों का गठन
  • प्रशिक्षण व मानकीकरण के जरिए क्षमता निर्माण
  • ‘ज्ञान भारतम ऐप’ के माध्यम से जनभागीदारी को बढ़ावा

विभाग ने शिक्षण संस्थानों, शोधकर्ताओं और आम जनता से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। लोग ‘ज्ञान भारतम ऐप’ के जरिए अपनी पांडुलिपियों का पंजीकरण कर उन्हें संरक्षित करने में योगदान दे सकते हैं।

इसके अलावा, एच.पी. स्टेट म्यूजियम में ‘ज्ञान भारतम क्लस्टर सेंटर’ की स्थापना की गई है, जहां पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन और संरक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी।

सरकार ने इस पहल को देश की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

Deepika Sharma

Related Articles

Back to top button
Close