सम्पादकीय

गणित के फॉर्मूले छोड़ थामी कला की डोर; ‘ममाज़ ब्लेसिंग’ से रूपाली शर्मा ने देश भर में बनाई पहचान

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गणित के फॉर्मूले छोड़ थामी कला की डोर; ‘ममाज़ ब्लेसिंग’ से रूपाली शर्मा ने देश भर में बनाई पहचान

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आर्टिस्टिक्स आर्ट स्टूडियो (Artisstix Art Studio) द्वारा आयोजित दो दिवसीय ग्रुप आर्ट एग्जीबिशन ‘साइलेंट एक्सप्रेशंस 2.0’ (Silent Expressions 2.0) का सोमवार को कांगड़ा कला संग्रहालय (Kangra Art Museum), धर्मशाला में भव्य शुभारंभ हुआ। इस विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि शिल्पी बेक्टा (H.A.S), एडीएम कांगड़ा द्वारा सुबह 11:30 बजे दीप प्रज्वलित कर किया गया। 18 और 19 मई तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में कला प्रेमियों को अद्वितीय कलाकृतियों का संगम देखने को मिल रहा है।

इस प्रदर्शनी में चार विख्यात कलाकारों—मन्नप्रीत कौर, प्रीत संधू, श्री नवीन कुमार और रूपाली शर्मा—की बेहतरीन कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है, जो कला प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

गणित की नौकरी छोड़ क्ले आर्ट में पहचान बनाने वाली रूपाली शर्मा ने बटोरीं सुर्खियां

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प्रदर्शनी में हिस्सा ले रहीं उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में जन्मी और वर्तमान में दिल्ली की रहने वाली कलाकार रूपाली शर्मा की कला विशेष रूप से लोगों को आकर्षित कर रही है। बचपन में रसोई के भीतर माँ के गूंथे हुए आटे से खिलौने बनाने के अपने शौक को उन्होंने आज एक सफल कला के रूप में तब्दील कर दिया है।

गणित विषय में एम.एससी और बी.एड करने के बाद, रूपाली साल 2017 तक दिल्ली में एक पीजीटी गणित शिक्षिका के रूप में काम कर रही थीं। लेकिन कला के प्रति अपने अटूट प्रेम के चलते उन्होंने अच्छी-भली नौकरी से इस्तीफा दे दिया और पूरी तरह कला के क्षेत्र में उतर गईं। आज वे पारंपरिक लिप्पन कला, 3D क्ले कला, टेक्सचर पेंटिंग और मंडला आर्ट में महारत हासिल कर चुकी हैं और अब तक देश के विभिन्न बड़े शहरों (जैसे शिमला, दिल्ली, ग्वालियर, जयपुर और मुंबई) में करीब 40 सफल प्रदर्शनियां लगा चुकी हैं। अपनी इस कला को व्यावसायिक रूप देने के लिए उन्होंने अपनी माँ के सम्मान में ‘ममाज़ ब्लेसिंग’ (Mama’s Blessing) नाम से एक वेबसाइट भी शुरू की है।

रूपाली अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने मायके और ससुराल पक्ष, विशेषकर अपने पति शैलेंद्र शर्मा (जिनसे उनका विवाह 2009 में हुआ था), अपनी सास और अपनी बेटी को देती हैं, जिन्होंने नौकरी छोड़ने के फैसले से लेकर हर मोड़ पर उनका हौसला बढ़ाया।

कला प्रेमियों के लिए खुला आमंत्रण

‘आर्टिस्टिक्स आर्ट स्टूडियो’ ने सभी कला प्रेमियों, स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से इस प्रदर्शनी में आने और कलाकारों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है। यह प्रदर्शनी 19 मई 2026 तक कांगड़ा कला संग्रहालय में अवलोकन के लिए उपलब्ध रहेगी।

Deepika Sharma

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