SMC लेक्चरर और डीपीई को कैबिनेट के निर्णय के अनुसार विभाग में डायरेक्ट मर्ज की प्रक्रिया हो शुरू:- निर्मल ठाकुर
शिक्षा विभाग में पिछले 14 वर्षों से कार्यरत लगभग 800 एसएमसी लेक्चरर और डीपीई को विभाग में मर्ज करने के लिए 2024 में माननीय कैबिनेट ने यह निर्णय पारित किया था कि एसएमसी लेक्चरर और डीपीई को विभाग में डायरेक्ट मर्ज किया जाएगा परंतु विभाग द्वारा प्रस्तावित एवं कैबिनेट द्वारा पारित इस निर्णय के बाद भी हालात जस के तस है इस संदर्भ में कोई भी प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है दो वर्ष के उपरांत भी कुछ नहीं किया गया है निरंतर 14 वर्षों से दूरवर्ती क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों के साथ कैबिनेट निर्णय के बाद भी आगामी प्रक्रिया शुरू न करना एक अन्याय है विभाग द्वारा बार बार टालमटोल किया जा रहा है कि नियम नहीं बने हैं, इस पर निर्मल ठाकुर प्रवक्ता एसएमसी अध्यापक संघ का कहना है कि विभाग के द्वारा ही कैबिनेट से प्रस्ताव पारित करवाया गया है कि SMC डीपीई और लेक्चरर को विभाग में सीधे मर्ज किया जाएगा और फिर दो वर्षों से यह कहना नियम नहीं बने है जो की सरासर गलत है और शोषण करने का एक धीमा तरीका है। अतः SMC अध्यापक संघ सरकार से यह मांग करता है कि शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तावित कैबिनेट द्वारा पारित डायरेक्ट मर्ज की प्रक्रिया को इसी माह जल्द शुरू किया जाए ताकि एसएमसी अध्यापकों को बार बार मजबूरन आंदोलित न होना पड़े निर्मल ठाकुर ने कहा क्योंकि एसएमसी अध्यापकों ने बहुत अच्छी सेवाएं निरंतर 14 वर्षों से दूरवर्ती क्षेत्रों में दी है बाबजूद इसके सरकार का यह धीमा रवैया बिल्कुल भी उचित नहीं है।

