स्वास्थ्य

शाबाश: शिमला में 100% टीबी मरीजों को मिली न्यूट्रिशन किट

उपायुक्त अनुपम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक

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उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि जिला में टीबी से ग्रसित सभी मरीजों को निक्षय मित्र सहयोग के तहत न्यूट्रिशन किट वितरित की गई है। न्यूट्रिशन किट में उच्च प्रोटीन वाली खाद्य सामग्री शामिल रहती है जिससे टीबी ग्रसित मरीजों को जल्द ठीक होने में मदद मिलती है।
उपायुक्त आज यहाँ आयोजित जिला क्षय रोग उन्मूलन समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे जिसमें टीबी मुक्त भारत अभियान, हैंड हेल्ड एक्स रे, निक्षय मित्र सहयोग आदि मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
टीबी निवारक उपचार की शुरुआत करने में शिमला अग्रणी जिला 
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 के दौरान 1358 मामलों में टीबी निवारक उपचार (TPT) की शुरुआत करने का लक्ष्य रखा गया था जिसमें से 968 मामलों में उपचार शुरू किया गया जोकि 71 प्रतिशत है और प्रदेश में सर्वाधिक है। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन प्रोग्राम के तहत जनवरी से दिसंबर 2025 तक 2230 का लक्ष्य रखा गया था और इनमें 1972 हासिल किया गया जोकि 88 प्रतिशत रहा। एचआईवी टेस्टिंग का लक्ष्य 1463 जिसमें से 1456, मधुमेह टेस्टिंग का लक्ष्य 1463 में से 1454, यूडीएसटी स्टेटस का लक्ष्य 920 में से 820, उपचार सफलता दर का लक्ष्य 1663 में से 1517 हासिल किया गया। टीबी मुक्त भारत 2.0 अभियान के तहत 14 मार्च 2026 तक 161777 लोगों का एक्स-रे करने का लक्ष्य रखा गया था जिसमें से 63910 लोगों का एक्स-रे किया गया, जोकि 40 फीसदी हुआ है। हैंड हेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें रामपुर और मतियाना में उपलब्ध करवाई गई है।
24 मार्च को मनाया जाएगा विश्व टीबी दिवस
बैठक में बताया गया कि जिला कि 141 पंचायतों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया गया है जिनमें 23 की स्वर्ण श्रेणी, 34 को रजत श्रेणी और 84 को कांस्य श्रेणी में रखा गया है। 24 मार्च 2026 को गेयटी थिएटर में विश्व टीबी दिवस मनाया जाएगा और इस जिला स्तरीय कार्यक्रम में स्वर्ण श्रेणी की पंचायतों के पंचायत सचिवों को सम्मानित किए जायेंगे। इसके अतिरिक्त, रजत व कांस्य श्रेणी वाली ग्राम पंचायतों को खण्ड स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
जिला को पूर्ण रूप से टीबी मुक्त बनाने में सभी दें सहयोग
अनुपम कश्यप ने कहा कि लोग कई बीमारियों से ग्रसित होते हैं लेकिन अस्पताल जाने में हिचकिचाते है। टीबी व नशे से ग्रसित व्यक्ति को लेकर लोग सहयोग बहुत कम करते है इसलिए सामुदायिक भूमिका की महत्ता के बारे में लोगों को जागरूक करना हमारी प्राथमिकता है। अगर हमारे आसपास स्वस्थ लोग होंगे तो स्वस्थ सामुदायिक प्रणाली विकसित होगी।
जिला को टीबी मुक्त बनाने के लिए सभी हितधारकों को एक बैठक भविष्य में की जाएगी। इसमें सभी संबंधित विभाग, सामाजिक हितधारक शामिल होंगे। इसके बाद एक व्यापक योजना के तहत जिला में टीबी मुक्त अभियान को लागू करने की तैयारी की जाएगी।
जिला टीबी अधिकारी डॉ विनीत लखनपाल ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से टीबी मुक्त अभियान के आंकड़े प्रस्तुत किए।
यह भी रहे उपस्थित
इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला डॉ यशपाल रांटा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
Deepika Sharma

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