हिमाचल की आर्थिक सेहत पर चेतावनी: केंद्र ने मदद नहीं की तो बिगड़ेंगे हालात — डॉ. राधा रमण शास्त्री

सोलन | 9 फरवरी 2026
हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता और गहराती जा रही है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. राधा रमण शास्त्री ने राज्य की वित्तीय हालत पर गंभीर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
डॉ. शास्त्री ने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के कारण हिमाचल प्रदेश की आय के संसाधन सीमित हैं और ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली राजस्व घाटा पूर्ति अनुदान राज्य की जीवनरेखा है। उन्होंने चेतावनी दी कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत यदि यह अनुदान बंद किया गया, तो राज्य की आर्थिक स्थिति स्वाभाविक रूप से बिगड़ जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिमाचल प्रदेश अपने सीमित संसाधनों के बल पर राज्य संचालन करने में सक्षम नहीं है। ऐसे सभी पर्वतीय राज्यों के लिए केंद्र सरकार को न्यायसंगत, व्यावहारिक और संवेदनशील निर्णय लेना चाहिए।
डॉ. राधा रमण शास्त्री ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान निकाले, ताकि हिमाचल जैसे शांतिप्रिय राज्य को आर्थिक अस्थिरता का सामना न करना पड़े। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार प्रदेश को ऐसी स्थायी वित्तीय व्यवस्था प्रदान करेगी, जिससे हर वर्ष राजस्व घाटे की पूर्ति सुनिश्चित होती रहे।




