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आरडीजी बंद होने पर अहम बैठक से भाजपा गायब, विनय कुमार बोले—हिमाचल की चिंता ही नहीं

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने राजस्व घाटा अनुदान आरडीजी बंद होने के बाद वित्तीय स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाई गई महत्त्वपूर्ण बैठक में भाजपा के शामिल न होने पर कड़ी नाराज़गी और हैरानी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह साफ़ दर्शाता है कि भाजपा को प्रदेश की कोई भी चिंता नहीं है।
विनय कुमार ने अपने बयान में यह भी जोड़ते हुए कहा कि जब-जब प्रदेश को ज़रूरत पड़ी है, भाजपा हमेशा ही अपनी जिम्मेदारी से भागी है। जब हिमाचल स्टेटहुड की लड़ाई लड़ रहा था, उस समय भाजपा नेताओं ने इसका खुला विरोध किया था और कहा था “स्टेटहुड को मारो ठुड”।जब प्रदेश में भारी आपदा आई, उस समय विधानसभा में चर्चा से बचने का काम भी भाजपा ने ही किया। सभी दलों के साथ मिलकर केंद्र सरकार के पास जाने के लिए आपदा पर प्रस्ताव पास हुआ, लेकिन भाजपा ने वहां से भी अपनी पीठ दिखाई । आज, जब राजस्व घाटा अनुदान बंद होने पर प्रदेश के भविष्य को लेकर अहम बैठक बुलाई गई, भाजपा नेताओं ने उसमें भी शामिल होने से किनारा कर लिया।
उन्होंने कहा कि यह भाजपा की “मूल प्रवृत्ति” बन चुकी है। प्रदेश की जनता का साथ न देना, बल्कि दिल्ली में बैठे अपने आकाओं के इशारों पर हिमाचल को नुकसान पहुंचाने की साजिश का हिस्सा बने हैं।आरडीजी बंद होना प्रदेश के साथ बड़ा अन्याय है।
विनय कुमार ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार की इस जनविरोधी कार्रवाई के खिलाफ उन्होंने प्रदेश की जनता से आगे आकर सरकार का साथ देने और इस निर्णय का मजबूती से विरोध करने की अपील की हैं
भाजपा की नीतियों ने प्रदेश को आर्थिक संकट में धकेला है।
उन्होंने प्रदेश भाजपा नेताओं को कठोर शब्दों में घेरते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने प्रदेश का ख़जाना लुटाया।75 हजार करोड़ से अधिक का कर्ज़ और 12 हजार करोड़ से अधिक की देनदारियां विरासत में कांग्रेस सरकार को दीं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन ने प्रदेश की वित्तीय रीढ़ तोड़ दी, और आज तक केंद्र ने प्रदेश को एक रुपये का भी आर्थिक सहयोग नहीं दिया। आपदा में भी केंद्र का कोई सहयोग नहीं मिला।
विनय कुमार ने पिछले दो वर्ष की प्राकृतिक आपदाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश को हज़ारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ,लेकिन केंद्र ने अब तक कोई वास्तविक सहायता नहीं दी।
उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये की आपदा राहत राशि भी आज तक प्रदेश को प्राप्त नहीं हुई। इसके बावजूद भाजपा नेता लोगों को भ्रमित कर रहे हैं कि केंद्र ने हिमाचल पर राहत की बरसात कर दी है। भाजपा प्रदेश में राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, राजनीतिक द्वेष के चलते,
हिमाचल की जनता को सज़ा दे रही है,क्योंकि लोगों ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया।
इसी बदले की भावना के कारण केंद्र न तो राहत दे रहा है, न प्रदेश के अधिकारों पर निर्णय ले रहा है।
विनय कुमार ने कहा कि प्रदेश के अधिकारों की लड़ाई कांग्रेस पूरी ताकत से लड़ेंगे।
कांग्रेस इससे कभी पीछे नहीं हटेगी, बल्कि हर स्तर पर निर्णायक संघर्ष किया जाएगा।

