
समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित एंटरप्रेन्योरशिप एंड माइंडसेट करिकुलम (EMC) सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में नवाचार, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रख रहा है। यह कार्यक्रम छात्रों को केवल रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाला सक्षम नागरिक बनाने की दिशा में प्रभावी पहल है।

इस कार्यक्रम की प्रेरणादायक सफलता कहानी हैं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नगरोटा बगवां की छात्रा महक। महक में बचपन से ही हस्तनिर्मित कला, पेंटिंग और रचनात्मक उत्पाद तैयार करने की विशेष प्रतिभा रही है। EMC कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें अपनी इस प्रतिभा को पहचानने, निखारने और उसे उद्यमिता से जोड़ने का अवसर मिला।
EMC के तहत मिले मार्गदर्शन से महक ने विचार को उत्पाद में बदलने की प्रक्रिया, लागत की समझ, गुणवत्ता सुधार और बाजार की आवश्यकताओं को जानना सीखा। विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों के निरंतर सहयोग से उन्होंने अपने शौक को आय का साधन बनाना शुरू किया। आज उनके द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित और कलात्मक उत्पाद न केवल स्थानीय बाजारों में, बल्कि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना प्राप्त कर रहे हैं।
महक की यह उपलब्धि दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर विद्यार्थी कम उम्र में भी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उनकी यात्रा इस बात का प्रमाण है कि EMC कार्यक्रम छात्रों की सोच को जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
आज महक एक युवा कमाने वाली उद्यमी के रूप में उभर चुकी हैं और अपने साथियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। उनकी सफलता ‘आत्मनिर्भर भारत’ की उस परिकल्पना को साकार करती है, जिसमें शिक्षा नवाचार, स्वावलंबन और सतत विकास का मजबूत आधार बनती है।जिसमे कॉर्डिनेटर सोनिया शर्मा भी इस प्रोजेक्ट में विशेष योगदान दे रही हैं
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समग्र शिक्षा के बढ़ते इस कदम को लेकर निदेशक राजेश शर्मा की माने तो शिक्षा का सही मतलब छात्र का समग्र विकास करना है




