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स्कूलों में स्थापित आधुनिक लैंग्वेज व साइंस–मैथ लैब्स का किया गहन निरीक्षण

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के नेतृत्व में हिमाचल के दल ने तेलंगाना में रेजिडेंशियल स्कूलों का दौरा किया, इस अवसर पर तेलंगाना शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी भी मौजूद रहे

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*शिमला*
हिमाचल प्रदेश का एक उच्चस्तरीय दल इन दिनों शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अगुवाई में तेलंगाना के दौरे पर है। इस दौरे का उद्देश्य वहां की स्कूली शिक्षा व्यवस्था का गहन अध्ययन करना और बेहतर शैक्षणिक मॉडलों को हिमाचल में लागू करने की संभावनाएं तलाशना है। इसी क्रम में इस दल ने आज तेलंगाना में स्थापित रेजिडेंशियल स्कूलों और पीएम श्री स्कूलों का दौरा कर शिक्षा की गुणवत्ता का जमीनी स्तर पर अवलोकन किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, साथ समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा तथा स्कूली शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद कर शिक्षण विधियों, शैक्षणिक गतिविधियों और छात्र सहभागिता का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। बच्चों को हिमाचल के स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था से भी अवगत कराया गया। तेलंगाना सरकार ने कई जगहों पर, विशेषकर दूर-दराज और पिछड़े क्षेत्रों में रेजिडेंशियल स्कूल स्थापित किए हैं। इन स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा के साथ आधुनिक कक्षाएं, डिजिटल संसाधन, विज्ञान प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही राज्य में डे-बोर्डिंग स्कूल भी प्रभावी ढंग से संचालित किए जा रहे हैं। इस दल ने इन स्कूलों में स्थापित वोकेशनल लैब्स का भी निरीक्षण किया, जहां विद्यार्थियों को तकनीकी, व्यावसायिक और कौशल आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है।

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*लैंग्वेज लैब व्यवहारिक भाषा, साइंस–मैथ लैब में सीख रहे प्रैक्टिकल शिक्षा*

तेलंगाना के स्कूलों में स्थापित लैंग्वेज लैब्स ने हिमाचल के दल को विशेष रूप से प्रभावित किया। इन लैब्स में विद्यार्थी केवल पुस्तकीय अध्ययन तक सीमित नहीं, बल्कि सुनने, बोलने, सही उच्चारण और संवाद कौशल को व्यावहारिक रूप से सीख रहे हैं। डिजिटल ऑडियो-वीडियो संसाधनों और इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को भाषा का नियमित अभ्यास कराया जा रहा है, जिससे उनकी अभिव्यक्ति क्षमता, आत्मविश्वास और प्रस्तुतीकरण कौशल में निरंतर सुधार देखा गया है।
तेलंगाना ने अपने पाठ्यक्रम को विज्ञान और गणित की प्रयोगशालाओं से जोड़कर पढ़ाई को अधिक व्यावहारिक बनाया है। इन आधुनिक साइंस–मैथ लैब्स में विद्यार्थी कक्षा में पढ़े गए सिद्धांतों को प्रयोगों, मॉडल और गतिविधियों के माध्यम से समझ रहे हैं। ये बच्चों को विषयों की गहरी समझ विकसित करने और गणितीय अवधारणाओं के तार्किक विश्लेषण में मदद कर रही हैं। इस पद्धति से छात्रों में जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच और नवाचार की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिल रहा है।

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*अंग्रेजी माध्यम के साथ संस्कृति और मूल्यों का संरक्षण*
तेलंगाना सरकार अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा पर विशेष जोर दे रही है, जिससे विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा प्रणाली और प्रतिस्पर्धी माहौल के अनुरूप तैयार हो सकें। इसके साथ ही विद्यालयों में संस्कृति संरक्षण, नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी, कला, संगीत, खेलकूद और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी नियमित रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि शिक्षा के साथ विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।

 

*राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल, सर्वांगीण विकास की ओर हिमाचल की महत्वाकांक्षी पहल*
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार भी बच्चों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित करने पर तेजी से कार्य किया जा रहा है, जहां विश्व स्तरीय शिक्षा के साथ खेलकूद, कला, विज्ञान, तकनीकी शिक्षा और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी सभी गतिविधियों की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में 850 शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक संसाधन और उच्च स्तरीय शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि हिमाचल सरकार ने स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा को लेकर भी बड़ी पहल की है। सरकार के प्रयासों से बीते तीन वर्षों में शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि तेलंगाना के सफल शैक्षणिक मॉडलों से प्रेरणा लेकर हिमाचल की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, प्रभावी और छात्र-केंद्रित बनाया जाएगा।
इस मौके पर समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि हिमाचल के राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों में तेलंगाना की तर्ज पर लैंग्वेज, मैथ व साइंस लैब्स सहित अन्य उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के समक्ष PAB में रखा जाएगा।

Deepika Sharma

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