संविधान दिवस 2025: जानिए 26 नवंबर का इतिहास, महत्व और क्यों आज भी उतना ही प्रासंगिक है?
भारतीय लोकतंत्र में इसकी भूमिका

Asar Media House | National Desk
📰 परिचय (Introduction)
भारत में हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है। यह वह ऐतिहासिक दिन है जब 1949 में भारतीय संविधान को अंगीकृत किया गया था। 2015 में सरकार ने इसे राष्ट्रीय महत्व का दिवस घोषित किया, ताकि नागरिक अपने अधिकारों, कर्तव्यों और संविधान की मूल भावना को समझ सकें।
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1️⃣ संविधान दिवस क्यों मनाया जाता है?
26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारत का संविधान स्वीकार किया।
यह दिन भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।
संविधान हालांकि 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ, लेकिन अंगीकरण की तिथि को ही संविधान दिवस के रूप में चुना गया।
2️⃣ संविधान कैसे बना? (History of Constitution Formation)
भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। इसे बनाने में—
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2 वर्ष 11 महीने 18 दिन लगे
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11 सत्र आयोजित हुए
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165 बैठकें हुईं
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7,600 से अधिक संशोधनों पर विचार
डॉ. भीमराव आंबेडकर संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष थे, जिन्हें “भारतीय संविधान के शिल्पकार” कहा जाता है।
संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे।
3️⃣ संविधान की मुख्य विशेषताएँ (Key Features of Indian Constitution)
✔ मौलिक अधिकार (Fundamental Rights)
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अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
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समानता का अधिकार
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जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता
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धर्म की स्वतंत्रता
✔ राज्य के नीति निर्देशक तत्व (DPSP)
समाज-कल्याण के लिए सरकार को मार्गदर्शन देते हैं।
✔ संघीय ढांचा (Federal Structure)
केंद्र और राज्यों के अधिकार स्पष्ट रूप से विभाजित।
✔ स्वतंत्र न्यायपालिका
न्यायपालिका को समीक्षा और संवैधानिक व्याख्या का अधिकार।
✔ प्रीएम्बल – संविधान की आत्मा
“हम भारत के लोग…” से शुरू होने वाली उद्देशिका ही देश की लोकतांत्रिक भावना का सार है।
4️⃣ संविधान दिवस आज क्यों महत्वपूर्ण है? (Relevance Today)
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लोकतंत्र में नागरिक जिम्मेदारी को याद दिलाता है
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युवाओं को अधिकार और कर्तव्य समझाता है
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संस्थाओं की मजबूती का आधार
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सामाजिक न्याय, समानता और स्वतंत्रता का संदेश
आज जब तकनीक, मीडिया, सामाजिक परिवर्तन और रायों का टकराव तेज़ है—
संविधान हमारे लिए मार्गदर्शक प्रकाश बनकर खड़ा है।
5️⃣ स्कूलों, संस्थानों और सरकारी कार्यालयों में कैसे मनाया जाता है?
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प्रीएम्बल वाचन
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संविधान आधारित निबंध / क्विज़ प्रतियोगिता
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डॉ. आंबेडकर पर विशेष कार्यक्रम
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संविधान की प्रति वितरण
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लोकतांत्रिक मूल्यों पर कार्यशालाएँ
6️⃣ संविधान दिवस पर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति क्या संदेश देते हैं?
हर साल शीर्ष नेतृत्व जनता से—
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संवैधानिक मूल्यों को अपनाने
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लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा
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कर्तव्यों को निभाने
की अपील करता है।












