शिक्षा

गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की संख्या मे लगातार हो रही कमी पर बढ़ी चिंता

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आल इंडिया फेडरेशन आफ टीचर ओर्गेनाजेशन ने स्कूलो मे गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की संख्या मे लगातार हो रही कमी पर चिंता व्यक्त की हे। जारी एक प्रेस बयान में आल इंडिया फेडरेशन आफ टीचर्स आरगेनाइजेशन के राष्ट्रिय अध्यक्ष डॉ अश्वनी कुमार , सेक्ट्री जनरल सी.एल.रोज कार्यकारी अध्यक्ष हितेष भाई पटेल , सलाऊद्दीन ,रश्मि सिंह , वित्त सचिव रणजीत सिंह राजपुत्त , राष्ट्रिय प्रेस सचिव प्रेम शर्मा , सलाहकार राजेंद्र खशिया, उपाध्यक्ष सतपाल भूरा, एन जी रेडडी, श्रीपाल रेडडी,सालिगराम प्रजापति ,श्रीमती शिल्पा नायक चेयरपर्सन महिला विग ,उप सचिव सोनल के पटेल , सहसचिव केसर सिंह ठाकुर, रजनीश राणा , अरत भजन साहू ,सचिव डॉ निशा शर्मा ,सोहन मंजिला नॉर्थ जोन कमेटी चेयरमैन केदार रांटा आदि ने केंद्र सरकार व देशभर कि राज्य राज्य सरकारों से माँग की हे कि विधयालयों मे गैर शैक्षणिक कर्मचारियो के पदो को तुरंत भरा जाए फेडरेशन के पदाधिकारियों ने सयुक्त प्रैस विज्ञपति मे बताया कि पिछले कई वर्षो से देशभर में विभिन्न राज्यों के स्कूलो में लिपको ,वरिष्ठ सहायकों, और अधीक्षकों के पदो नही भरा जा रहा है जिस से कि स्कूलो मे गैर शैक्षक्षणिक कार्यो को अध्यापको को करने पर मजबूर होना पड़ रहा है इन स्कूलो मे पे बिल, विभिन्न दूसरी तरह के बिल, सरकार के साथ विभिन्न तरह का होने वाला पत्राचार जैसे कार्य अध्यापको को करने पढ़ रहे हे वर्तमान मे स्कूलो में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अनतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों को लागू किया गया है ताकि विधयार्थियों का सर्वागिण विकास हो सके। इन कार्यकमो को लागू करने मे अध्यापक अपना अहम योगदान दे रहे है। इन कार्यक्रमों को और दक्षता के साथ लागू करने के लिए अगर विधयालयों मे गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के पदो को भरा जाता हे तो विभिन्न तरह का पत्राचार से संबन्धित कार्य इन कर्मचारियो के द्वारा किया जाएगा और अध्यापको पर गैर शैक्षणिक कार्य का बोझ कम होगा और वो अपना क़ीमती समय पढ़ाई जैसे कार्य को ज्यादा देगे जिस से की परीक्षा परिणामो मे और बेहतरी होगी शिक्षा में गुणवता आएगी बड़े खेद का विषय हे की पिछले कुच्छ समय से देश के विभिन्न राज्यों में राज्यो के शिक्षा बोर्ड द्वारा विभिन्न तरह के कार्य जो की शिक्षा बोर्डो स्वय करने चाहिए उन्हे भी अध्यापको से करने के लिए मजबूर किया जा रहा हे राज्यो केशिक्षा बोर्डो दावरा आन लाइन रजिसट्रेश्न के सारे कार्य स्कूल आध्यापको से करवा जा रहा हे अध्यापको को कक्षाए छोड़ कर बोर्ड का कार्य करना पड़ रहा हे जब परीक्षा फार्म और रजिसट्रेश्न का कार्य आन लाइन नहीं होता था तो स्कूलो में इसे दो तीन दिन में कर लिया जाता था परंतु अब एक-एक बच्चे की आन लाइन रजिसट्रेशन और फार्म आन लाइन भरने में एक महीने से ऊपर का समय लग रहा हे कभी नेटवर्क की समस्या कभी बोर्ड की साईट नहीं चल रही हे,कई स्कूलो में न कम्प्युटर न नेट की सुविधा इस बारे में कोई नहीं सोच रहा हे आन लाइन राजिस्ट्रेशन अच्छी बात हे हम स्वागत करते हे परंतु इस कार्य पर अध्यापको को लगाएगे तो वो कब पढ़ाएगे देश भर के विभिन्न राज्यों के शिक्षा बोर्डो व शिक्षा विभागो को चाहिए कि इस कार्य के लिए लिपको को न्यूक्त करे। संघ ने माननीय प्रधानमंत्री व विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रीयो से निवेदन किया हे कि वे स्वयमेब हस्तक्षेप कर विभाग को इस संबंध में उचित निर्देश दे ताकि अध्यापक शिक्षा कि गुणवता पर और ज्यादा ध्यान दे सके।

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Deepika Sharma

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