स्वास्थ्य

किल्लत : शिमला में ए-निगेटिव रक्त की कमी

ए-निगेटिव के रक्तदाताओं से अपील, आईजीएमसी में रक्तदान करें

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 गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल  ब्लड बैंक में ‘ए निगेटिव’ ब्लड ग्रुप के कंपोनेंट की भारी कमी हो गई है। पूर्व विधायक नारायण सिंह स्वामी एवं अन्य कई मरीजों को इससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की नाकामियों के कारण यह नौबत आई है।

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उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने ‘ए नेगेटिव’ ब्लड ग्रुप के रक्तदाताओं से अपील की है कि वे आईजीएमसी ब्लड बैंक में जाकर रक्तदान करें। पूर्व विधायक नारायण सिंह स्वामी के लिए फ्रेश ब्लड की जरूरत है। वह आईजीएमसी में गंभीर हालत में सीसीयू में भर्ती हैं। 

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उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री से बार-बार अनुरोध करने के बावजूद आईजीएमसी या किसी भी अन्य बड़े अस्पताल में रक्त के कंपोनेंट बनाने की एसडीपी मशीन नहीं लगाई गई है। 

 

उन्होंने कहा कि यदि यह मशीन आईजीएमसी ब्लड बैंक एवं अन्य बड़े अस्पतालों में लगा दी जाती तो कोई भी रक्तदाता हर 15 दिन में कंपोनेंट डोनेट कर सकता था। अभी उसे संपूर्ण ब्लड डोनेट करना पड़ता है जिससे कंपोनेंट निकाले जाते हैं। ऐसे में पुरुष 3 महीने में और महिलाएं 4 महीने में एक बार ही रक्तदान कर सकती हैं। 

प्रो. अजय श्रीवास्तव ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ राजीव सहजल से बार-बार अनुरोध करने के बाद ब्लड बैंकिंग व्यवस्था में सुधार के लिए विभाग ने कोई कदम नहीं उठाए।

Deepika Sharma

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