
शिक्षा विभाग आखिर इतना दोगलापन लाते कहां से हो।
एक ड्राइंग मास्टर को सस्पेंड कर, क्या आप उन अधिकारियों को भी सस्पेंड करोगे जिन्होंने 8 सितंबर को हुए अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर प्रदेश के दो जिले गाएब कर दिए थे। क्या उन अधिकारियों को भी सस्पेंड करोगे जिन्होंने पत्र पर मुख्यमंत्री का नाम भी गलत लिखा था।
शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदेश के कक्षा 12 वीं की अंग्रेजी विषय में 83 हजार बच्चों के साथ जो गलती हुई थी क्या वहाँ पर काम करने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों पर कार्यवाही हुई।
आखिर एक अध्यापक पर इतनी सख्ती क्यों।



