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घमंड में अभी से इतने चूर लेकिन समझो इस बात को दिल्ली अभी है दूर : राकेश पठानिया

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परिवारवाद की उपज कांग्रेस प्रत्याशी का यह मानना कि किसी विधायक का काम सड़क के खड्डे भरना नहीं जबकि ऊंची हवाई योजनाएं बनाना है से फतेहपुर की जनता इतेफाक नहीं रखती है और उन्हें मैं यह बताना चाहता हूं कि जो रास्ता उनके घर तक जाता है यदि वह गढ्डों से भरा है तो उधर तक पहुंचना असंभव है । मेरा व्यक्तिगत मानना है कि किसी प्रदेश की रीढ़ की हड्डी सड़कें ही होती हैं और वहां विकास सड़कों से ही सुनिश्चित होता है ।

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उन्होंने कहा कि जो प्रत्याशी अभी से घमंड में इतना चूर है कि अपने शीर्ष नेतृत्व को अपने पोस्टर में भी स्थान नहीं देना चाहता है या फिर सच में उसे पता है कि वह ऐसे संगठन से चुनाव लड़ रहा है जिसका अस्तित्व राष्ट्रीय स्तर और प्रादेशिक स्तर से भी नीचे गिर चुका है और आज स्थिति यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी सहभागिता किसी क्षेत्रीय दल से कम है। पिता द्वारा दी गई सियासी जमीन के उत्तराधिकारी तो बन बैठे हैं पर उन्हें उस परिवार की इज्जत करना भी नहीं आता जिसने उनके पिता को पहचान दी और चुनकर विधानसभा भेजा ।

 

इसलिए मैं फतेहपुर की प्रबुद्ध जनता से यह निवेदन करना चाहता हूं कि भाजपा के प्रत्याशी जोकि एक साधारण परिवार से संबंध रखते हैं उन्हें अपना आशीर्वाद दें और उन्हें विधानसभा में चुनकर भेजे ताकि यहां का विकास जो रुका पड़ा है। उसे तीव्र गति प्रदान की जाए ना कि ऐसे व्यक्ति को जो कि हमेशा बाहर रहकर आज फतेहपुर को बाहरी और अंदरूनी का नारा देकर बांटना चाहता है। और अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना चाहता है ।

Deepika Sharma

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