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असर विशेष। “एक मुलाक़ात“ अभिमन्यु पाण्डेय”

शिमला से जुड़े कलाकार अभिमन्यु पाण्डेय से विशेष बातचीत

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असर न्यूज़ से ख़ास बातचीत

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फिल्म लेखक और अभिनेता अभिमन्यु पाण्डेय
का जन्म भले ही उत्तर प्रदेश के बलिया ज़िले में हुआ हो, लेकिन उनका पालन-पोषण और शिक्षा-दीक्षा शिमला में ही हुई। वे अपने जीवन के सबसे सुंदर पल इसी शहर में बिताए हैं। यही वजह है कि शिमला उनके दिल के बेहद करीबहै।

पिछले दो दशकों से मुंबई में सक्रिय अभिमन्यु पाण्डेय ने रंगमंच और सिनेमा के माध्यम से एक अलग पहचान बनाई है। इन दिनों वे चर्चित निर्देशक श्री नारायण सिंह (निर्देशक – टॉयलेट: एक प्रेम कथा, बत्ती गुल मीटर चालू) के साथ एक लव स्टोरी पर कार्य कर रहे हैं, जिसकीपृष्ठभूमि शिमला है। इसी कहानी की रिसर्च और लेखन कार्य के लिए वे इन दिनों शिमला में ही रह रहे हैं।

असर न्यूज़  ने अभिमन्यु पाण्डेय से मुलाक़ात कर सिनेमा से जुड़ी उनकी यात्रा और वर्तमान रुझानों पर विस्तार से बातचीत की।

सिनेमा की दुनिया में चुनौतियाँ बढ़ी हैं

अभिमन्यु मानते हैं कि आज की तारीख़ में फिल्म लेखन एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य बन चुका है। उन्होंने कहा,

“लेखन के दौरान यह बहुत जरूरी हो गया है कि कोई ऐसी बात न लिखी जाए जिससे किसी की धार्मिक भावना या सामाजिक संवेदनाएँ आहत हों। दर्शक अब बहुत जागरूक हो चुका है — सिर्फ़ भावनात्मक दृश्य दिखाकर उसे प्रभावित नहीं किया जा सकता। आज की पीढ़ी यथार्थवादी और ज़मीनी कहानियाँ पसंद करती है।”

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लोककथाओं पर आधारित हॉरर सीरीज़ जल्द होगी रिलीज़

अभिमन्यु पाण्डेय ने यह भी बताया कि इस वर्ष अगस्त महीने में उनकी लिखी हुई एक हॉरर वेब सीरीज़ “भक्क ऐसा भी होता है क्या” जो भारतीय लोककथाओं पर आधारित है, OTT प्लेटफ़ॉर्म ‘Stage App’पर रिलीज़ होने जा रही है। यह सीरीज़ दर्शकों को डराने के साथ-साथ भारतीय परंपरा और लोकविश्वास से भी जोड़ने का प्रयास

शिमला से विशेष लगाव

बातचीत के अंत में जब उनसे शिमला के बारे में पूछा गया, तो उनके चेहरे एक विशेष चमक दिखाई दी।

“शिमला मेरी आत्मा में रचा-बसा है। मेरी कल्पनाएँ यहीं आकार लेती हैं। इस शहर की हवा, गली-कूचे, लोग – सब कुछ मुझे प्रेरणा देते हैं,”

अभिमन्यु पाण्डेय उन चुनिंदा कलाकारों में से हैं जो जड़ों से जुड़े रहकर, आधुनिक सिनेमा की ज़रूरतों को समझते हुए प्रामाणिक और भावनात्मक लेखन कर रहे हैं। उनके लेखन में जहां लोक की सुगंध है, वहीं समकालीन सोच की स्पष्टता भी।

Deepika Sharma

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